रायपुर। अटारी स्थित नंदनवन को अब सिर्फ घूमने-फिरने की जगह के बजाय प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और पारिवारिक मनोरंजन से जुड़े बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से नंदनवन का कायाकल्प किया जाएगा। परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित करने की तैयारी है।
नंदनवन के पुनर्विकास प्रस्ताव का उच्चस्तरीय बैठक में प्रस्तुतिकरण किया गया। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बैठक में नंदनवन पीपीपी समिति ने प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पीसीसीएफ अरुण कुमार पांडेय, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, नीति आयोग के सदस्य आशीष भट्ट, वित्त विभाग के अधिकारी और समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
आधुनिक स्वरूप में विकसित होगा बॉटनिकल गार्डन
योजना के तहत नंदनवन के बॉटनिकल गार्डन को नए और आधुनिक स्वरूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है। प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परिसर में बेहतर लैंडस्केपिंग, स्वच्छ सुविधाएं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।
नंदनवन को ऐसा पर्यटन स्थल बनाने की योजना है, जहां परिवार और बच्चे लंबे समय तक समय बिता सकें। इसके लिए नए मनोरंजन आकर्षण और गतिविधियां भी जोड़ी जाएंगी।
पर्यटकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
परियोजना के तहत कैफेटेरिया और फूड कोर्ट, स्वच्छ शौचालय, पेयजल व्यवस्था, पार्किंग, बैठने के लिए शेड और बेंच जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इसके अलावा दिव्यांग पर्यटकों के लिए सुगम रास्ते और परिसर में आवागमन के लिए ई-कार्ट या बैटरी वाहन की सुविधा भी प्रस्तावित है।
पीपीपी मॉडल में होगी निजी भागीदारी
नंदनवन का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत किया जाएगा। इसके लिए निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और निवेश का उपयोग किया जाएगा। हालांकि पीपीपी मॉडल से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बिंदु अभी तय किए जाने बाकी हैं। इनमें परियोजना की अवधि, संचालन का अधिकार और अन्य शर्तें शामिल हैं।
पर्यटकों से लिए जाने वाले प्रस्तावित टिकट या यूजर चार्ज में बदलाव होगा या नहीं, यह भी आगे की प्रक्रिया में तय किया जाएगा।
स्थानीय पर्यटन और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का उद्देश्य नंदनवन को पर्यावरण और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। आधुनिक सुविधाएं और नए आकर्षण जुड़ने से स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद है।
नंदनवन में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से आसपास के कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। परियोजना को इस तरह विकसित करने की योजना है कि प्रकृति और आधुनिक जन-सुविधाओं के बीच संतुलन बना रहे। पुनर्विकास पूरा होने के बाद नंदनवन रायपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में नए स्वरूप के साथ सामने आ सकता है।






