रायपुर। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की व्यापारियों के साथ नियमित संवाद के लिए आयोजित VC Interaction Meeting की 100वीं बैठक 24 अगस्त को संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के अध्यक्ष सुनील सिंघी ने की। बैठक में छत्तीसगढ़ सहित देशभर के व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
बोर्ड के अध्यक्ष सुनील सिंघी ने कहा कि 100वीं बैठक केवल एक संख्या नहीं, बल्कि केंद्र सरकार और देश के व्यापारी समुदाय के बीच लगातार बढ़ते संवाद, सहभागिता और विश्वास का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य व्यापारियों को सरकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी देने के साथ उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को सीधे बोर्ड तक पहुंचाने के लिए सहज मंच उपलब्ध कराना है।
व्यापारियों की समस्याएं नीति-निर्माण तक पहुंच रहीं
राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के छत्तीसगढ़ से सदस्य अमर पारवानी ने कहा कि नियमित बैठकों के माध्यम से छोटे, मध्यम और बड़े व्यापारियों को अपनी समस्याएं रखने के लिए साझा मंच मिला है। बैठकों में प्राप्त सुझावों और समस्याओं को संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों तक पहुंचाया जा रहा है। साथ ही, बार-बार सामने आने वाले विषयों की पहचान कर उनके समाधान की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
पारवानी ने कहा कि इस संवाद प्रक्रिया से सरकार और व्यापार जगत के बीच पारदर्शिता, विश्वास और सहयोग की भावना मजबूत हुई है। यह प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की भावना के अनुरूप सहभागी शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
आर्थिक गतिविधियों में व्यापारियों की अहम भूमिका
अमर पारवानी ने कहा कि व्यापारी केवल वस्तुओं के क्रेता-विक्रेता नहीं हैं, बल्कि उत्पादक और उपभोक्ता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। स्थानीय बाजारों को सक्रिय रखने, रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने तथा आर्थिक गतिविधियों को गति देने में व्यापारी समुदाय की अहम भूमिका है। ऐसे में व्यापारी कल्याण का सीधा संबंध रोजगार, परिवारों की आजीविका और देश की आर्थिक मजबूती से है।
अब संवाद को परिणामोन्मुख बनाने पर जोर
पारवानी ने कहा कि 100 बैठकों की यात्रा व्यापारी समुदाय की सक्रिय भागीदारी और सरकार के साथ मजबूत होते संबंधों का प्रमाण है। अब लक्ष्य अधिक से अधिक व्यापारियों को इस संवाद मंच से जोड़ने, जमीनी समस्याओं के आधार पर ठोस सिफारिशें तैयार करने और संवाद को परिणामोन्मुख कार्रवाई से जोड़ने का है।
उन्होंने कहा कि व्यापारी और सरकार मिलकर ही सशक्त, सुगम और विकसित व्यापारिक वातावरण का निर्माण कर सकते हैं। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड इसी सकारात्मक सहभागिता को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।






