रायपुर। गाँव-गाँव में डायरिया-मलेरिया के तांडव और शहरों में स्वाइन फ्लू के बढ़ते खौफ के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि इस सरकार की अकर्मण्यता की वजह से जमीन पर स्वास्थ्य व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। बस्तर से लेकर रायपुर तक मलेरिया, डायरिया और टीबी से बेकसूर ग्रामीणों की जान जा रही है, और अब स्वाइन फ्लू ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भाजपा सरकार केवल कागजी समीक्षा बैठकों और विज्ञापनों में व्यस्त है। अस्पतालों में न डॉक्टर हैं, न दवाइयाँ और न ही जांच की सुविधा। साय सरकार की इस नाकामी और आपराधिक लापरवाही के खिलाफ जन आक्रोश चरम पर है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि स्वास्थ्य बजट का सही क्रियान्वयन न होने, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी, समय पर दवाओं की आपूर्ति न होने और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के बजट में कटौती के चलते ही स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। शहरी और मैदानी इलाकों में स्वाइन फ्लू (H1N1) ने भयावह रूप ले लिया है। अस्पतालों में वेंटिलेटर, आइसोलेशन वार्ड और जरूरी दवाओं का भारी अभाव है। विभागीय मंत्री विज्ञापनबाजी और कागजी बैठकों तक ही सीमित है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि ग्रामीण व आदिवासी समाज डायरिया और मलेरिया से सबसे अधिक प्रभावित ग्रामीण, स्लम इलाकों के लोग और आदिवासी समाज है, जहाँ सही समय पर एम्बुलेंस और इलाज न मिलने से मौतें हो रही हैं। कांग्रेस सरकार के दौरान ’मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना’, ’शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना’, ‘हमर अस्पताल’ और ’श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर’ के जरिए अंतिम व्यक्ति तक सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाई जा रही थीं। वर्तमान सरकार ने इन जनकल्याणकारी योजनाओं की गति को धीमा कर दिया है, गरीब बीमार आम जनता को बेमौत मरने के लिए उपेक्षित छोड़ दिया है। पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग वेंटिलेटर पर है, मंत्री जी प्रचार में मस्त हैं और छत्तीसगढ़ की जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।






