‘एक प्रदेश-एक दिन-एक संवाद’ बना मिसाल, व्यापारियों से सीधे रूबरू हुआ आयकर विभाग

0
6

रायपुर। छत्तीसगढ़ के व्यापारिक जगत और आयकर विभाग के बीच संवाद को नई दिशा देने वाली अभिनव पहल ‘व्यापारी कर संवाद’ बुधवार को प्रदेशभर में आयोजित की गई। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) छत्तीसगढ़ और आयकर विभाग की संयुक्त पहल के तहत ‘एक प्रदेश-एक दिन-एक संवाद’ की अवधारणा पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक साथ कार्यक्रम आयोजित हुए। बड़ी संख्या में व्यापारियों और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लेकर कर संबंधी विषयों पर अधिकारियों से सीधे संवाद किया।

रायपुर में CAIT के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्य आयकर आयुक्त, रायपुर श्री संजीव (IRS) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रमुख आयकर आयुक्त-1 मुनीश कुमार (IRS), अतिरिक्त आयकर आयुक्त (Hqrs/TPS) चिलाकला राजेश्वर रेड्डी (IRS) और उप आयकर आयुक्त-1(1) डॉ. गगन गिरी गोस्वामी (IRS) सहित आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

नोटिस मिलने पर घबराएं नहीं, समझें और समाधान करें

व्यापारियों से संवाद करते हुए मुख्य आयकर आयुक्त श्री संजीव ने कर व्यवस्था में पारदर्शिता, जागरूकता और स्वैच्छिक अनुपालन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि आयकर विभाग केवल कर वसूली करने वाला विभाग नहीं, बल्कि व्यापारियों को नियमों की जानकारी देने और उनका मार्गदर्शन करने वाला सहयोगी भी है।

उन्होंने कहा कि आयकर विभाग की ओर से यदि किसी व्यापारी को नोटिस प्राप्त होता है तो उसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। नोटिस का नियमानुसार जवाब देकर संबंधित विषय का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विभाग और व्यापारियों के बीच जितना अधिक सीधा संवाद होगा, उतनी ही गलतफहमियां दूर होंगी और कर अनुपालन बेहतर होगा।

संजीव ने बताया कि व्यापारी कर संवाद का यह पहला चरण प्रदेश के प्रमुख जिलों में आयोजित किया गया है। आगामी चरण में CAIT और आयकर विभाग के संयुक्त प्रयास से छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में इस संवाद को विस्तार दिया जाएगा।

जानकारी, जागरूकता, मार्गदर्शन और समाधान बने संवाद के चार आधार

‘व्यापारी कर संवाद’ को चार प्रमुख स्तंभों जानकारी, जागरूकता, मार्गदर्शन और समाधान पर केंद्रित किया गया। कार्यक्रम में विशेष PPT प्रस्तुति के माध्यम से व्यापारियों को आयकर से जुड़े प्रावधानों, प्रक्रियाओं, कर अनुपालन और अन्य महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।

इसके बाद व्यापारियों ने अपनी जिज्ञासाएं और व्यावहारिक समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने सवालों का जवाब देते हुए विभिन्न मामलों में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। इससे व्यापारियों को कर संबंधी नियमों को सरल तरीके से समझने का अवसर मिला।

रायपुर से लेकर जगदलपुर तक एक साथ हुआ आयोजन

CAIT और आयकर विभाग की इस संयुक्त पहल के तहत रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, रायगढ़, अंबिकापुर, धमतरी और जगदलपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। अलग-अलग जिलों में आयकर विभाग के अधिकारियों ने व्यापारियों से प्रत्यक्ष संवाद किया और कर संबंधी प्रावधानों एवं प्रक्रियाओं की जानकारी दी।

इस पहल की खास बात यह रही कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में व्यापारियों को अपने स्थानीय स्तर पर ही आयकर अधिकारियों से सीधे सवाल करने और अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिला।

व्यापारी और विभाग के बीच विश्वास का सेतु मजबूत हुआ : अमर पारवानी

CAIT के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी ने कहा कि ‘व्यापारी कर संवाद’ व्यापारियों और आयकर विभाग के बीच विश्वास, पारदर्शिता और सकारात्मक संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार एक ही दिन प्रदेश के अलग-अलग जिलों में एक साथ इस तरह का संवाद आयोजित किया गया है। यह अपने आप में एक अनूठा मॉडल है। इससे व्यापारियों को आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे बातचीत करने और अपनी व्यावहारिक समस्याएं रखने का अवसर मिला।

पारवानी ने कहा कि व्यापारी और सरकार एक-दूसरे के सहयोगी हैं। जब व्यापारियों को नियमों की सही और सरल जानकारी मिलेगी तथा विभाग व्यापारियों की वास्तविक समस्याओं को समझेगा, तो स्वैच्छिक कर अनुपालन बढ़ेगा। इससे प्रदेश के व्यापारिक वातावरण में विश्वास और पारदर्शिता को भी मजबूती मिलेगी।

व्यापारियों ने कहा- ऐसे संवाद की जरूरत

कार्यक्रम में शामिल व्यापारियों और व्यापारिक संगठनों ने CAIT और आयकर विभाग की पहल का स्वागत किया। व्यापारियों ने कहा कि कर संबंधी नियमों और प्रक्रियाओं को लेकर कई बार व्यावहारिक स्तर पर भ्रम की स्थिति बनती है। ऐसे में विभाग के अधिकारियों से सीधे बातचीत होने से समस्याओं का समाधान आसान होता है।

व्यापारियों ने भविष्य में भी नियमित अंतराल पर ऐसे संवाद आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई, ताकि बदलते कर प्रावधानों और प्रक्रियाओं की जानकारी समय पर मिलती रहे।

प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन ने जताया आभार

CAIT छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन ने कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रदेशभर के व्यापारियों और व्यापारिक संगठनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की बड़ी संख्या में सहभागिता ने इस पहल को सफल बनाया है।

उन्होंने कहा कि ‘व्यापारी कर संवाद’ की सफलता यह साबित करती है कि व्यापारी समुदाय और सरकारी विभागों के बीच सीधा, सकारात्मक और निरंतर संवाद समय की आवश्यकता है। CAIT छत्तीसगढ़ भविष्य में भी व्यापारियों की सुविधा और कर जागरूकता के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।

सभी 33 जिलों तक पहुंचाने की तैयारी

CAIT ने कहा कि ‘व्यापारी कर संवाद’ को आने वाले समय में प्रदेश के सभी 33 जिलों तक ले जाया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक व्यापारियों को आयकर से संबंधित नियमों, प्रक्रियाओं और अनुपालन की जानकारी उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम का संचालन CAIT छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सीए मुकेश मोटवानी ने किया। इस अवसर पर CAIT छत्तीसगढ़ के चेयरमैन जितेन्द्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, वाइस चेयरमैन सुरिन्दर सिंह, जीवत बजाज, प्रदेश कोषाध्यक्ष विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी, वासु माखीजा, राम मंधान, भरत जैन, राकेश ओचवानी और शंकर बजाज सहित सैकड़ों व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

CAIT ने इस पहल को ‘जागरूक व्यापारी- मजबूत अर्थव्यवस्था- सशक्त छत्तीसगढ़’ के संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि व्यापारियों और विभाग के बीच निरंतर संवाद से प्रदेश की कारोबारी व्यवस्था और अधिक पारदर्शी एवं मजबूत होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here