रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस के प्रदेशव्यापी “साइबर जागृति अभियान” के तहत गुरुवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषक नगर रायपुर में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान विश्वविद्यालय स्तर पर अभियान से जुड़े कार्यक्रमों का शुभारंभ भी किया गया।

कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीश चंदेल, पुलिस उपायुक्त मध्य जोन तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर गौरव मंडल सहित विश्वविद्यालय एवं पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कलिंगा विश्वविद्यालय और मैट्स विश्वविद्यालय के करीब 800 छात्र-छात्राओं, प्रोफेसरों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

साइबर ठगी के नए तरीकों से कराया अवगत
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बदलते स्वरूप और ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीकों की जानकारी दी। फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी के नाम पर ठगी, बैंक एवं यूपीआई फ्रॉड, फर्जी कस्टमर केयर, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी निवेश योजना, नौकरी और लोन के नाम पर ठगी, डिजिटल अरेस्ट तथा सेक्सटॉर्शन जैसे साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए।

अधिकारियों ने युवाओं को विशेष रूप से सोशल मीडिया और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम या डेबिट कार्ड की जानकारी, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी और पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए। इसके अलावा अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध एप्लीकेशन डाउनलोड करने से भी बचने की अपील की गई।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करना जरूरी है। ऑनलाइन फ्रॉड होने की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने और संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था को तत्काल सूचना देने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने कहा कि शिकायत जितनी जल्दी की जाएगी, ठगी गई राशि को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
विद्यार्थियों से जागरूकता फैलाने की अपील
कार्यक्रम में विद्यार्थियों से स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की गई। पुलिस ने कहा कि डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं, ऐसे में इनके सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए हर नागरिक का जागरूक होना जरूरी है।
छत्तीसगढ़ पुलिस का “साइबर जागृति अभियान” 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशभर में चलाया जा रहा है। अभियान के तहत शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थानों और विभिन्न माध्यमों से लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलाएं।”






