रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित पीएससी घोटाले, युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव में कथित धांधली और कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि छत्तीसगढ़ में सामने आए पीएससी घोटाले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी मौन क्यों हैं।
गुरुवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में चिमनानी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा टी.एस. सिंहदेव और चरणदास महंत को मुख्यमंत्री पद के दावेदार बताए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में अभी सवा दो साल का समय बाकी है, ऐसे में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की चर्चा कांग्रेस की आंतरिक स्थिति को लेकर सवाल खड़े करती है। उन्होंने पूछा कि क्या भूपेश बघेल अब कांग्रेस के सर्वमान्य नेता नहीं रहे और बैज ने किसके इशारे पर यह बयान दिया।
भाजपा प्रवक्ता ने युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव में कांग्रेस के ही पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए जा रहे कथित धांधली, फर्जी मतदान और फर्जी मतदाता सूची के आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा कांग्रेस के जिला पंचायत सदस्य पंकज तिवारी ने कथित फर्जी मतदान और फर्जी मतदाता सूची का आरोप लगाते हुए चुनाव निरस्त करने की मांग की है। वहीं, कुनकुरी कांग्रेस अध्यक्ष विनय शील द्वारा पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव यू.डी. मिंज को चुनाव से दूर रहने की चेतावनी दिए जाने का भी उन्होंने जिक्र किया। भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों का भी चिमनानी ने उल्लेख किया।
पीएससी मामले में जांच के नए तथ्यों का दावा
चिमनानी ने पीएससी घोटाले की जांच में सामने आए कथित नए तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2021-22 की परीक्षा में करीब 1.29 लाख अभ्यर्थियों में से 170 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और रिश्वतखोरी से जुड़े मामले सामने आए हैं।
उन्होंने जांच एजेंसियों की ओर से विशेष अदालत में दी गई जानकारी का हवाला देते हुए सीएसआर मद से 45 लाख रुपये के कथित गबन और कुल करीब सवा तीन करोड़ रुपये से जुड़े नए तथ्यों का दावा किया। उन्होंने कहा कि मामले में टामनसिंह सोनवानी, नितेश सोनवानी, शशांक गोयल और किशोर ध्रुव सहित कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के.के. चंद्रवंशी और सीएमओ में विशेष सेवा से जुड़े चेतन बोरझरिया के नाम जांच के संदर्भ में सामने आने का भी उन्होंने दावा किया।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जांच के अनुसार कथित अनियमितताओं में फर्जी नियुक्तियों और पेपर लीक के जरिए अवैध वसूली जैसे माध्यम शामिल रहे हैं।
राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल
चिमनानी ने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर में युवाओं के अधिकारों की बात करने वाले कांग्रेस नेता छत्तीसगढ़ के पीएससी मामले पर मौन हैं। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और सोनिया गांधी से मामले पर कांग्रेस का पक्ष स्पष्ट करने की मांग की।
उन्होंने सवाल किया कि क्या पीएससी मामले के आरोपियों को कांग्रेस का संरक्षण प्राप्त था और क्या कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी रकम कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची। चिमनानी ने कहा कि कांग्रेस को इन आरोपों पर छत्तीसगढ़ की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश मीडिया सह-संयोजक गोविंदा गुप्ता भी मौजूद रहे।






