रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार का स्वास्थ्य विभाग बीमार हो गया है। भाजपा सरकार की प्राथमिकता में लोगों का इलाज है ही नहीं, भाजपा सरकार के लिये स्वास्थ्य विभाग केवल भ्रष्टाचार करने का अड्डा मात्र बना हुआ है। प्रदेश के वर्तमान 10 मेडिकल कालेजो में 2660 स्वीकृत पदो में से 1290 पद लगभग आधे खाली पड़े है। ऐसे में मरीजो का कैसे ईलाज होगा। जिला अस्पताल तो सुविधाओ के आभाव में दम तोड़ रहे। स्वास्थ्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्रो में 65 प्रतिशत स्थानों तथा जिला अस्पतालो में 60 प्रतिशत पद खाली पड़े है। राज्य के सरकारी अस्पतालो में ईलाज कम भ्रष्टाचार अधिक होता है। प्रदेश के अधिकांश सरकारी अस्पतालो मेडिकल कालेजो में नकली दवाये उपयोग की शिकायते सामने आ चुकी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि स्वास्थ्य बजट का सही क्रियान्वयन न होने, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी, समय पर दवाओं की आपूर्ति न होने और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के बजट में कटौती के चलते ही स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। शहरी और मैदानी इलाकों में स्वाइन फ्लू भयावह रूप ले लिया है। अस्पतालों में वेंटिलेटर, आइसोलेशन वार्ड और जरूरी दवाओं का भारी अभाव है। विभागीय मंत्री विज्ञापनबाजी और कागजी बैठकों तक ही सीमित है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बेहद शर्मनाक है कि राज्य के लोगो की बड़ी उम्मीद मेकाहारा रायपुर तथा डीकेएस अस्पताल भी अव्यवस्था और सरकार की लापरवाही का शिकार है। मेकाहारा में करोड़ो की मशीने स्टालेशन के आभाव में तथा योग्य चिकित्सको होने के बाद मेकाहारा में सुविधाये नहीं होने के कारण लोगो के ईलाज में देरी होती है। सरकार कभी दवाई नहीं उपलब्ध करवा पाती तो कभी एक्सरे फिल्म, तो कभी पैथालाजी के सामन। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार की लापरवाही और बदनियती के चलते ही छत्तीसगढ़ में मरीज जांच, इलाज और दवा के अभाव में बे-मौत मरने मजबूर हैं। नकली और अमानक दवाएं मरीजों को दी जा रही हैं। सरकारी अस्पतालों में दी जा रही कई दवाएं गुणवत्ता जांच में फेल हो रही है। समय पर एम्बुलेंस की सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही है। सिटी स्कैन, एम आर आई, सोनोग्राफी, एक्स रे और खून पेशाब की जांच के लिए मरीज भटक रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में कमीशनखोरी के लिए स्वास्थ्य विभाग अघोषित तौर पर ठेके में संचालित है। सत्ता के संरक्षण में केवल मुनाफाखोरी का खेल चल रहा है। अक्षम स्वास्थ्य मंत्री तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे या उन्हें बर्खास्त करे सरकार।






