रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को एनएसए के तहत कार्यवाही का अधिकार दिया जाना इस बात का प्रमाण है कि सरकार भी मान रही है कि राज्य की कानून व्यवस्था बेलगाम हो चुकी है। सरकार को समझ नहीं आ रहा कि कानून व्यवस्था सुधारने के लिए क्या उपाय किया जाये? वह रोज नये प्रयोग कर रही है लेकिन उसके सभी प्रयोग असफल साबित हो रहे है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि इसके पहले राजधानी की बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था को सुधारने के नाम पर कमिश्नरी प्रणाली लागू किया गया लेकिन रायपुर की कमिश्नरी प्रणाली फेल हो गयी तथा अपराध रूकने के बजाय बढ़ गये। अंतर्राष्ट्रीय गैंगस्टर राजधानी के व्यापारियों से फिरौती मांग रहे। रोज लूट, हत्या, बलात्कार की घटनाएं बढ़ गयी, चाकूबाजी, नशाखोरी से आम आदमी परेशान है। पुलिस अपराध नहीं रोक पा रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था के बिगड़ने के जिम्मेदार गृहमंत्री है। सरकार गृहमंत्री को बदलने के बजाय रोज नये प्रयोग कर रही है। जब ढाई साल से गृह मंत्री कानून व्यवस्था नहीं सभाल पा रहे, उनके गृहमंत्री बनने के बाद अपराध बढ़ गये है तो ऐसे में अक्षम गृह मंत्री को बदल क्यों नहीं दिया जा रहा है? मुख्यमंत्री, गृह विभाग की समीक्षा की हिम्मत दिखाये।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रायपुर कमिश्नरेट सहित प्रदेश में कोई भी कहीं भी सुरक्षित नहीं है। किसकी, कब, कहां हत्या हो जाये, कहा नहीं जा सकता है। बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था के कारण रायपुर शहर तो आदमियों की कत्लगाह बन चुका है। रायपुर में आदमी गाजर-मूली की तरह काटे जा रहे है, न सरकार को कोई चिंता है और न ही पुलिस को, पुलिस केवल अपराध के आंकड़ो को झुठलाने और गृहमंत्री कोरी बयान बाजी में लगे है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में हर दिन 6 हत्या, 8 बलात्कार की घटना हो रही है। सक्ती में एक युवती को उसके घर में घुसकर गोली मार दी गयी। इसके पहले कोरिया के सोनहत में चार व्यक्तियों को जिंदा जला दिया गया। जैजैपुर में दो भाइयों को घर में घुसकर गोली मार दिया गया। पेण्ड्रा के कोटमी बाजार में सर्राफा कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्रदेश में कोई जिला नहीं जहां पर रोज हत्या, लूट, बलात्कार, चाकूबाजी की घटना नहीं हो रही है। यह घटनाएं डरावनी है, सरकार को समझ भी नहीं आ रहा है क्या करे? कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होते जा रही है।






