आयोग 19 लाख मतदाताओं के नाम काटे क्यों? कारण सहित जिला-वार सूची सार्वजनिक करे – कांग्रेस

0
6
आयोग 19 लाख मतदाताओं के नाम काटे क्यों? कारण सहित जिला-वार सूची सार्वजनिक करे - कांग्रेस

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि एसआईआर के समय चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से करीब 19 लाख नाम हटाए अब उन नामों को पुनः जोड़ने अभियान शुरू कर रही है। ये एसआईआर प्रक्रिया में मतदाता के साथ मनमानी का प्रमाण है। जानबूझकर नाम काटे गये। जनता को मानसिक परेशानी हुई, दफ्तरों के चक्कर लगवाये गये, इसके लिए जिम्मेदार कौन? एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग के पास जब कांग्रेस शिकायत करती थी तो आयोग किसके दबाव में विपक्ष की शिकायतों को नजरअंदाज किया गया? आज चुनाव आयोग मतदाता सूची से नाम कटे 19 लाख मतदाताओं को पुनः जोड़ने अभियान चला रही है तो जानबूझकर नाम किसके दबाव में काटा इसका जवाव जनता जाना चाहती है?

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि एसआईआर में जिनके नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। किस जिले में कितने मतदाताओं के नाम हटाए गए, किस विधानसभा क्षेत्र और किस मतदान केंद्र से कितने नाम काटे गए तथा प्रत्येक नाम हटाने का कारण क्या था? इसके साथ ही नाम हटाने की प्रक्रिया, दावा-आपत्तियों की संख्या और संबंधित मतदाताओं को दी गई सूचना का विवरण भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। ताकि जनता और राजनीतिक दल पूरे मामले की सच्चाई स्वयं जांच सकें।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का नाम मतदाता सूची में होना उसके मतदान के अधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। लाखों मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटा दिया। भाजपा को लाभ पहुँचाने चुनाव की निष्पक्षता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को संकट में डाला गया गया। मतदाता सूची जनता की है, लोकतंत्र जनता का है और चुनाव की विश्वसनीयता जनता के विश्वास से ही कायम रहती है। चुनाव आयोग ने 19 लाख नाम हटाकर अब पुनः जोड़ने का अभियान चला रही है। आयोग के इस कार्य से कांग्रेस द्वारा एसआईआर के दौरान गड़बड़ी के लगाए आरोप सच साबित हुए हैं, षडयंत्र पूर्वक कांग्रेस के वोटरों के नाम हटा गए ताकि आने वाले चुनाव में भाजपा को लाभ मिल सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here