सिमगा/बलौदाबाजार। नया सवेरा जन कल्याण समिति छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर मानवता और सामाजिक सरोकारों की मिसाल पेश की है। समिति की प्रांतीय अध्यक्ष श्रीमती लता अजय साहू के मार्गदर्शन में बलौदाबाजार जिले के सिमगा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम केसदा में पिछले करीब दो वर्षों से इधर-उधर भटक रहे दो वर्षीय बालक साहिल यादव को रेस्क्यू कर रायपुर स्थित गुरु नानक चौक के पास एक आवासीय बाल आश्रम में पहुंचाया गया। समिति की इस पहल का उद्देश्य बच्चे को सुरक्षित वातावरण, उचित देखभाल और शिक्षा उपलब्ध कराकर उसके बेहतर भविष्य की राह तैयार करना है।
माता-पिता के अलग होने के बाद कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने को मजबूर था साहिल
जानकारी के अनुसार, साहिल यादव के माता-पिता अलग-अलग हो गए थे और दोनों ने दूसरी शादी कर ली थी। बच्चे की मां अब जीवित नहीं है। वहीं, पिता की शराब की लत और बच्चे के साथ कथित मारपीट के कारण साहिल घर पर रहने के बजाय गांव में इधर-उधर भटकता रहता था। उसके पास सोने के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं था। वह कभी किसी घर के बाहर तो कभी जहां जगह मिल जाती, वहीं रात गुजारने को मजबूर था।
बच्चे की इस दयनीय स्थिति की जानकारी मिलने पर लोकनाथ सिंह ने नया सवेरा जन कल्याण समिति की प्रांतीय अध्यक्ष श्रीमती लता अजय साहू को इसकी सूचना दी। इसके बाद समिति ने तत्काल पहल करते हुए बच्चे के सुरक्षित पुनर्वास और शिक्षा की व्यवस्था करने का निर्णय लिया। समिति के सदस्यों और सहयोगियों के प्रयास से साहिल को केसदा गांव से रायपुर लाकर आवासीय बाल आश्रम में दाखिल कराया गया।
केसदा स्कूल में आयोजित हुआ जागरूकता एवं रेस्क्यू कार्यक्रम
इस अभियान के अंतर्गत ग्राम केसदा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय की शिक्षिका तेजकुंवर वर्मा ने विशेष रुचि लेते हुए बच्चे की पढ़ाई की जिम्मेदारी में सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने साहिल के लिए स्कूल ड्रेस और मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था में सहयोग करते हुए उसकी चौथी कक्षा में पढ़ाई शुरू कराने की पहल की।
कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों ने कम समय में नाट्य प्रस्तुतियां तैयार कर सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। पुलिस विभाग की ओर से उपनिरीक्षक श्री गोकुल पटेल ने बच्चों को साइबर अपराध, मोबाइल एवं कंप्यूटर के सुरक्षित उपयोग और सड़क सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके साथ ही नशामुक्ति तथा गुड टच-बैड टच जैसे संवेदनशील विषयों पर भी बच्चों को जागरूक किया गया।
शिक्षिका तेजकुंवर वर्मा के मार्गदर्शन में बच्चों ने नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से इन विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को जागरूक करने के साथ समाज में सुरक्षा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
रायपुर इकाई ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस अभियान को सफल बनाने में नया सवेरा जन कल्याण समिति की बलौदाबाजार एवं रायपुर इकाई के सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में विद्यालय से श्रीमती तेजकुंवर वर्मा, रविकांत पटेल, विनोद सर, ग्राम सरपंच शिवकुमार, शांति पात्रा, प्रिया, निकिता, निशा, सोनू, रितु देवांगन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। अधिवक्ता प्रहलाद तिवारी ने भी कानून से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के समापन पर बच्चों को फल और बिस्किट वितरित किए गए। इसके बाद रायपुर इकाई के सदस्य श्री राजेंद्र कुमार साहू, विनय साहू, भागवत राम साहू और विष्णु प्रसाद साहू सहित अन्य सहयोगियों ने साहिल को रायपुर लाकर आवासीय बाल आश्रम के संचालक श्री संदीप के सुपुर्द किया। समिति की ओर से बच्चे को कपड़े, बैग, चप्पल और अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।
आश्रम पहुंचने पर वहां के बच्चों ने साहिल का स्वागत किया। समिति को उम्मीद है कि सुरक्षित वातावरण, नियमित देखभाल और शिक्षा के माध्यम से साहिल अपने जीवन को नई दिशा दे सकेगा।
सेवा के अनेक क्षेत्रों में सक्रिय है समिति
नया सवेरा जन कल्याण समिति छत्तीसगढ़ का प्रधान कार्यालय बलौदाबाजार में स्थित है। समिति कैंसर पीड़ितों की सहायता, दिव्यांगजनों के कल्याण, शिक्षा, अन्न भंडारा, पर्यावरण संरक्षण, पशु सेवा, स्वास्थ्य शिविर, स्लम क्षेत्रों में निःशुल्क शिक्षा, वृद्ध सम्मान समारोह और दिव्यांग बच्चों के सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक कार्यों में सक्रिय है।
समिति के अनुसार, वह बिना किसी शासकीय आर्थिक सहायता के आपसी सहयोग और जनभागीदारी से विभिन्न सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ा रही है। इससे पहले भी समिति द्वारा चार मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं असहाय महिला-पुरुषों तथा नशे की गिरफ्त में आए दो बच्चों को रेस्क्यू कर सहायता उपलब्ध कराने की पहल की जा चुकी है।
समिति का कहना है कि समाज के जरूरतमंद, असहाय और उपेक्षित लोगों को सम्मानजनक जीवन दिलाना ही उसका प्रमुख उद्देश्य है। साहिल यादव को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने की यह पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
समिति ने आशा व्यक्त की है कि साहिल अब आश्रम में सुरक्षित वातावरण में रहकर विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करेगा और अपने जीवन में नई शुरुआत कर सकेगा।






