श्री पारवानी ने बताया कि यह निर्णय 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक के बाद आया है। इस बैठक में कैट के नेतृत्व में लगभग 20 प्रमुख व्यापारिक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर प्रस्तावित 0.40 प्रतिशत MDR शुल्क के संभावित प्रभावों से वित्त मंत्री को अवगत कराया था।
उन्होंने कहा कि कैट देशभर के व्यापारिक संगठनों के साथ निरंतर समन्वय और संवाद के माध्यम से व्यापारियों की समस्याओं एवं चिंताओं को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का कार्य कर रहा है। कैट डिजिटल भुगतान व्यवस्था का पूर्ण समर्थन करता है, लेकिन यह व्यवस्था व्यापारियों, विशेषकर छोटे कारोबारियों के लिए किफायती और टिकाऊ बनी रहनी चाहिए।
श्री पारवानी ने कहा, “हम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी का व्यापारियों की समस्याओं को समझने और सकारात्मक निर्णय लेने के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। यह स्थगन व्यापारियों का विश्वास मजबूत करेगा तथा एक सशक्त डिजिटल भारत के निर्माण में सरकार और व्यापारिक समुदाय की साझेदारी को और मजबूती प्रदान करेगा।”
इस निर्णय का स्वागत करने वालों में कैट के नेशनल वाइस चेयरमैन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य श्री अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमैन श्री जितेन्द्र दोशी, श्री विक्रम सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष श्री परमानंद जैन, वाइस चेयरमैन श्री सुरिन्दर सिंह, श्री जीवत बजाज, प्रदेश महामंत्री श्री अवनीत सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेन्द्र जग्गी, श्री वासु माखीजा, श्री राम मंधान, श्री भरत जैन, श्री राकेश ओचवानी एवं श्री शंकर बजाज शामिल हैं। सभी ने संयुक्त रूप से सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे व्यापारिक समुदाय के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।






