नक्सल हिंसा के पीड़ितों को कृत्रिम अंग लगाकर आत्मनिर्भर बनाने की पहल, सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांगों को मिल रहा सहारा

0
5

दंतेवाड़ा। नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोटों में अपने हाथ-पैर गंवाने वाले निर्दोष लोगों को फिर से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बस्तर संभाग में सेवा संकल्प अभियान के तहत कृत्रिम अंग एवं दिव्यांग उपकरण वितरण का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज दंतेवाड़ा में आयोजित द्वितीय निःशुल्क दिव्यांग उपकरण वितरण शिविर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिव्यांग बहनों-भाइयों से संवाद किया गया।

इस अभियान के प्रथम चरण का आयोजन 5 से 7 अक्टूबर तक जगदलपुर में किया गया था। इस दौरान 3,600 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हुए, जिनमें अकेले बस्तर जिले के 1,570 हितग्राही शामिल थे। अभियान का उद्देश्य नक्सली हिंसा के कारण शारीरिक रूप से दिव्यांग हुए लोगों को कृत्रिम अंग और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें सामान्य एवं सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करना है।

इस अवसर पर कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता के बाद अब नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगाना प्राथमिकता है। नक्सलियों के हमलों में अपंग हुए लोगों को जरूरी सहायता देकर उन्हें फिर से अपने पैरों पर खड़ा करना और आत्मनिर्भर बनाना सरकार का संकल्प है।

सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से पीड़ितों को केवल कृत्रिम अंग और उपकरण ही नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर देने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान का लक्ष्य हिंसा से प्रभावित परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here