रायपुर। शेयर बाजार में लगातार गिरावट से निवेशकों को हो रहे भारी नुकसान के लिए मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि गलत आर्थिक नीतियों, महंगे क्रूड ऑयल, कमजोर होते रुपये और कोर सेक्टर विशेषकर ऊर्जा क्षेत्र की बदहाली के कारण विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। भाजपा सरकार विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बीते 1 वर्ष में देश की शीर्ष 10 कंपनियों का औसत रिटर्न माइनस 20 प्रतिशत तक गिर चुका है। दुनिया के 18 प्रमुख बाजारों में भारतीय शेयर बाजार, निफ्टी का प्रदर्शन इंडोनेशिया के बाद दूसरा सबसे खराब रहा है। जहाँ वैश्विक बाजार ऊँचाइयों को छू रहे हैं, दक्षिण कोरिया का बाजार 87 प्रतिशत, ताइवान का बाजार 81 फीसदी चढ़ा, वहीं बीते 2 वर्षों से भारतीय बाजार पूरी तरह फ्लैट पड़े हैं। यह मंदी वैश्विक नहीं, मोदी सरकार के कुप्रबंधन का नतीजा है!
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार का तथाकथित आर्थिक मॉडल पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। बीते एक साल में देश की टॉप 10 कंपनियों का औसत रिटर्न माइनस 20 फीसदी तक गिर चुका है और निफ्टी दुनिया के 18 प्रमुख बाजारों में दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स बन गया है। कमजोर रुपया, महंगा तेल, कोर सेक्टर की बदहाली और रिकॉर्ड विदेशी निवेशकों की निकासी इस बात का प्रमाण है कि देश आर्थिक आपातकाल की ओर बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ का व्यापारी, युवा और मध्यम वर्ग आज इस सरकारी विफलता का खामियाजा भुगत रहा है। कांग्रेस की सरकारों ने मंदी के दौर में भी देश की अर्थव्यवस्था को गति दी थी, भाजपा के कुशासन में केवल चंद पूंजीपति मित्रों को ही फायदा पहुंचाया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले राज्य के लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों और व्यापारियों की जमा पूंजी डूब रही है। डॉलर के मुकाबले रुपये के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुँचने और महंगे तेल के कारण परिवहन लागत बढ़ रही है, जिससे छत्तीसगढ़ के आम नागरिक, किसान और गृहिणियां महंगाई की मार झेलने को मजबूर हैं। स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देने में विफलता के कारण निर्यात घट रहा है और देश आयात पर निर्भर होता जा रहा है। विश्व गुरु का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार में निफ्टी दुनिया में दूसरे सबसे निचले पायदान पर है। मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण निवेशक बर्बादी की कगार पर पहुंच गए है।






