रेलवे के इलेक्ट्रिक स्टाफ ने तुरंत ओएचई लाइन से लहंगे को निकाला और फिर वायर की स्थिति की जांच की. करीब 20 मिनट तक चली इस प्रक्रिया के बाद जब पूरी तरह से सुनिश्चित कर लिया गया कि कोई और बाधा नहीं है, तब ट्रेन को आगे रवाना किया गया. कानपुर सेंट्रल के सीटीएफ आशुतोष सिंह ने बताया कि, हमें सूचना मिली थी कि लाइन में कोई कपड़ा फंसा हुआ है और धुआं उठ रहा है. हमारी टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे हटाया. यह कपड़ा हवा के कारण उड़कर तारों में फंसा था, जिसे हटाने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया.
इस अनोखी घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर यह चर्चा का विषय बन गई. लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि ये है लहंगे की असली पावर, जो वंदे भारत जैसी सुपरफास्ट ट्रेन को भी रोक सकता है. कुछ लोगों ने इसे फिल्मी अंदाज में पेश करते हुए लिखा, “जब यूपी-बिहार में लहंगे का जलवा चलता है, तो ट्रेन भी रुक जाती है. वहीं, कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि रेलवे को ऐसे संभावित खतरों से बचने के लिए कुछ उपाय करने चाहिए.