स्वच्छ ऊर्जा रूपांतरण के लिए ऊर्जा दक्षता जरूरी: वेदांता पावर

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स्वच्छ ऊर्जा रूपांतरण के लिए ऊर्जा दक्षता जरूरी: वेदांता पावर

 भारत नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि ऊर्जा उत्पादन तंत्र का हर अंग संसाधनों के कम इस्तेमाल के बावजूद ज्यादा प्रभावी बने। वेदांता पावर लिमिटेड ने अक्षय ऊर्जा दिवस के मौके पर स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा उत्पादन की दिशा में अपने महत्वपूर्ण योगदान पर ध्यान आकर्षित करते हुए बताया है कि कंपनी देश के बढ़ते नवीकरणीय ऊर्जा आधार के साथ विद्युत उत्पादन प्रक्रियाओं में ऊर्जा एवं संसाधन दक्षता के प्रति कटिबद्ध है।

वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन पर आधारित विद्युत क्षमता हासिल करने का भारत का लक्ष्य देश के एनर्जी मिक्स में बुनियादी बदलाव की ओर इशारा है। इस अवसर का लाभ उठाने के लिए नवीकरणीय उत्पादन बढ़ाने के साथ ही ऐसे ऊर्जा तंत्र का विकास जरूरी है जो ईंधन, जल एवं अन्य संसाधनों की खपत में सुधार ला सके। मौजूदा अधोसंरचना की दक्षता में बढ़ोत्तरी तथा स्वच्छ एवं प्रभावी तरीकों को अपनाकर, विद्युत क्षेत्र अपने संसाधनों की गहनता को कम कर नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार में मदद कर सकता है।

वेदांता पावर अपने प्रचालन में वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल, संसाधनों के कुशल उपयोग, पानी के बेहतर प्रबंधन और संसाधनों के चक्रीय इस्तेमाल को अपनाकर इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा अपनाए जाने के लिए कंपनी सौर ऊर्जा के इस्तेमाल तथा अपने बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन पर जोर दे रही है। इससे ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों पर कंपनी की निर्भरता घटी है और प्रचालन में कम कार्बन उत्सर्जन सुनिश्चित हुआ है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पंजाब के तलवंडी साबो थर्मल प्लांट में तकरीबन 3.61 लाख मीट्रिक टन बायोमास का इस्तेमाल किया गया। यह ईंधन की कुल खपत का लगभग 5.21 फीसदी है। यह कृषि अवशेष के वैकल्पिक इस्तेमाल का बेहतरीन तरीका है। ऐसा करने से मौजूदा ऊर्जा अधोसंरचना को एक अतिरिक्त गैर-पारंपरिक ईंधन स्रोत मिला है।

जल दक्षता की दिशा में कंपनी अपने प्रचालन में संसाधनों की खपत कम करने के लिए काम कर रही है। आंध्रप्रदेश में वेदांता पावर की मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड में उत्पादन प्रक्रियाओं में समुद्र के पानी का इस्तेमाल किया जाता है जिससे इस ऊर्जा इकाई ने ताजे पानी की शून्य खपत का लक्ष्य हासिल किया है। हरियाली संरक्षण एवं संवर्धन और जैव विविधता के लिए अपने विभिन्न प्रचालन क्षेत्रों में कंपनी ने 8.75 लाख वृक्षारोपण किए हैं।

अक्षय ऊर्जा दिवस पर वेदांता पावर लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजिंदर सिंह आहूजा ने कहा, “ स्वच्छ ऊर्जा के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में अक्षय ऊर्जा दिवस महत्वपूर्ण पर्व है। नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार के साथ पूरे ऊर्जा तंत्र को अधिक कुशल एवं संसाधनों के प्रति सजग बनाने के प्रति जागरूकता के लिए यह हमारे लिए उत्कृष्ट अवसर है। वेदांता पावर में हम भरोसेमंद बिजली की आपूर्ति जारी रखते हुए वैकल्पिक ईंधन, पानी की बचत और चक्रीय इस्तेमाल के जरिए अपने प्रचालन में संसाधनों की खपत कम करने के लिए काम कर रहे हैं। नवीकरणीय ऊर्जा के विकास और देश के दीर्घकालिक ऊर्जा रूपांतरण लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ऊर्जा उत्पादन तंत्र में दक्षता लाना बेहद जरूरी है।’’

वेदांता समूह अपने डीकार्बनाइजेशन प्रयासों के तहत इन प्रयासों को अमलीजामा पहना रहा है। समूह ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान उत्सर्जन में कमी लाने, संसाधन दक्षता सुनिश्चित करने और सतत प्रचालन मॉडल के लिए 1 बिलियन डॉलर से अधिक निवेश किया है।

अक्षय ऊर्जा दिवस पर वेदांता पावर का दृष्टिकोण देश के ऊर्जा रूपांतरण के लिए इस व्यापक सिद्धांत को मजबूत करता है कि स्वच्छ ऊर्जा का अर्थ सिर्फ ज्यादा नवीकरणीय विद्युत उत्पादन करना नहीं है बल्कि पूरे तंत्र में ऊर्जा और संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित करना है। संसाधनों की खपत में कमी तथा वैकल्पिक एवं चक्रीय तरीकों को अपनाकर वेदांता पावर भविष्य के एनर्जी मिक्स में स्पष्ट, कुशल एवं मददगार तंत्र विकसित करने के लिए कार्यरत है।

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