कोलकाता। अभिनेत्री स्वरा भास्कर के रानी पद्मावती के जौहर को लेकर दिए गए बयान पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्वरा भास्कर अपने बयान पर सफाई दे चुकी हैं, लेकिन अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस मामले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने जौहर को कायरता बताए जाने की आलोचना करते हुए इसे बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण बताया।
पश्चिम बंगाल के लीलुआ वर्कशॉप ग्राउंड में चल रही ‘हनुमत कथा’ के दूसरे दिन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के बयान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बिना बात किए उनसे रहा नहीं जा रहा था।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “एक तथाकथित महिला ने रानी पद्मावती के बारे में बयान दिया। उस महिला ने जौहर को कायरता कहा। ऐ नाककटु, चंडालन, जौहर कायरता नहीं है, यह बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। आप जौहर की संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं?”
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग आस्था का विरोध करते हैं, वे जौहर को समझ ही नहीं सकते। उन्होंने कहा, “कुछ लोग तो भईया को सईयां बना देते हैं, वे जौहर के बारे में क्या जानेंगे? अगर मेरी बातों से किसी को बुरा लगे या उनकी भावनाएं आहत हों, तो भी मैं सच ही कहूंगा।”
क्या था स्वरा भास्कर का बयान?
यह विवाद 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘वुमन, लाइफ, फ्रीडम’ टॉक के दौरान स्वरा भास्कर की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ। कार्यक्रम में उन्होंने फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर वाले दृश्य का जिक्र किया और कहा कि इस तरह के दृश्य रेप सर्वाइवर्स को गलत संदेश दे सकते हैं।
स्वरा ने सवाल उठाते हुए कहा था कि क्या ऐसे दृश्य रेप पीड़िताओं को यह संदेश देते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं और यदि वे “इज्जतदार और बहादुर” होतीं तो खुद को मार लेतीं। उन्होंने यह भी कहा कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत नहीं होना चाहिए।
स्वरा ने फिल्म के एक दृश्य का उल्लेख करते हुए बताया था कि उसमें एक गर्भवती महिला को जौहर के लिए जाते हुए दिखाया गया है। उन्होंने कहा था कि यह देखकर उन्हें गुस्सा आया और उन्होंने थिएटर में ही विरोध जताया था। इसके बाद करीब पांच दिन विचार करने के बाद उन्होंने फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली को एक ओपन लेटर लिखा था।
विवाद के बाद स्वरा ने दी सफाई
स्वरा भास्कर के बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना शुरू हो गई। कई लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया। विवाद बढ़ने के बाद स्वरा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपने बयान पर सफाई दी।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके बयान का एक क्लिप वायरल हो रहा है और स्पष्ट किया कि उन्होंने रानी पद्मावती या महल की अन्य महिलाओं को कायर नहीं कहा था।
स्वरा ने अपनी सफाई में कहा कि उनका सवाल यह था कि यदि वह खुद रेप पीड़िता होतीं और फिल्म का क्लाइमेक्स देखतीं, तो उन्हें यह महसूस हो सकता था कि रेप के बाद जीवित बचना ही कायरता है। उन्होंने इसी संदेश को लेकर फिल्म के जौहर दृश्य पर आपत्ति जताई थी।
हालांकि, स्वरा की सफाई के बावजूद जौहर को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी भी जारी है और अब धीरेंद्र शास्त्री की तीखी टिप्पणी के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।






