‘सावन के रंग, सखियों के संग’ में ड्रेस वॉक, डांस, गीत-संगीत और खेलों ने बांधा समां, रश्मि मोहंती बनीं सावन क्वीन

0
12
‘सावन के रंग, सखियों के संग’ में ड्रेस वॉक, डांस, गीत-संगीत और खेलों ने बांधा समां, रश्मि मोहंती बनीं सावन क्वीन

रायपुर। सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर ऐश्वर्या जनसेवा समर्थन सोसायटी एवं मानवाधिकार न्याय सुरक्षा संगठन के संयुक्त तत्वावधान में वृंदावन हॉल, सिविल लाइन में ‘सावन उत्सव—सावन के रंग, सखियों के संग’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साह और उमंग के साथ हिस्सा लेते हुए भारतीय संस्कृति और सावन की परंपराओं के रंग बिखेरे।

कार्यक्रम में ट्रेडिशनल ड्रेस वॉक, सावन क्वीन प्रतियोगिता, सोलो डांस, ग्रुप डांस, सिंगिंग, विभिन्न गेम्स और ओपन माइक जैसी आकर्षक गतिविधियां आयोजित की गईं। महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सावन क्वीन प्रतियोगिता रही, जिसमें प्रतिभागियों ने पारंपरिक परिधानों और शानदार प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। प्रतियोगिता में रश्मि मोहंती को सावन क्वीन चुना गया। उपस्थित महिलाओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क रजिस्ट्रेशन, हाई-टी और रिटर्न गिफ्ट की भी विशेष व्यवस्था की गई थी।

महिला सशक्तिकरण का दिया संदेश
आयोजक एवं दोनों संस्थाओं की अध्यक्ष पूनम पाण्डेय ने कहा कि सावन उत्सव महिलाओं के उत्साह, सहभागिता और आपसी प्रेम का सुंदर उदाहरण रहा। ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के साथ-साथ सामाजिक रूप से एक-दूसरे से जुड़ने तथा हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने का अवसर प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम में हास्य कवयित्री शशि दुबे, सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी नारायण लाहोटी, राज्य नियंत्रण कक्ष महिला हेल्पलाइन 181 की केंद्र प्रबंधक प्रीति पांडेय, अन्नपूर्णा शर्मा, कृष्णा परमार, आशा दुबे सहित सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग, अधिवक्ता एवं महिला पुलिसकर्मी शामिल हुए।

कार्यक्रम का सफल संचालन कृष्णा परमार ने किया। आयोजन को सफल बनाने में संगठन की प्रदेश महासचिव ममता इंगोले, प्रदेश सचिव सोना इंगोले, भिलाईगढ़-सारंगढ़ जिला अध्यक्ष श्याम निराला, प्रदेश सचिव शुभि कौर एवं अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

उपस्थित महिलाओं और अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे सावन के अंतिम सोमवार का एक यादगार और उल्लासपूर्ण उत्सव बताया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here