रायपुर/भिलाई। छत्तीसगढ़ में मंगलवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई। ईडी की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पीए केके चंद्रवंशी के पुरानी भिलाई स्थित आवास पर दबिश दी। सुबह तड़के दो वाहनों में पहुंची अधिकारियों की टीम ने घर के भीतर प्रवेश कर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
जानकारी के मुताबिक, ईडी की कार्रवाई के लिए करीब आठ अधिकारियों की टीम पुरानी भिलाई स्थित केके चंद्रवंशी के निवास पर पहुंची। टीम के पहुंचते ही घर के भीतर जांच शुरू कर दी गई। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए जवानों की तैनाती भी की गई है। अधिकारी घर में मौजूद दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं।
किन मामलों से जुड़ी है कार्रवाई, स्थिति स्पष्ट नहीं
फिलहाल ईडी की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि केके चंद्रवंशी के आवास पर की जा रही जांच किस प्रकरण से संबंधित है। ईडी की टीम द्वारा दस्तावेजों की जांच और अन्य आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े व्यक्ति के आवास पर ईडी की दबिश की खबर सामने आने के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, जांच पूरी होने और ईडी की ओर से आधिकारिक जानकारी जारी होने के बाद ही कार्रवाई के वास्तविक कारणों और जांच के निष्कर्षों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रिटायर्ड पटवारी कमलेश राजपूत के घर भी ED की दबिश
इधर, भिलाई के सिकोल भांठा इलाके में रिटायर्ड पटवारी कमलेश राजपूत के निवास पर भी प्रवर्तन निदेशालय की टीम के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि अधिकारियों द्वारा उनके आवास पर दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान दुर्ग क्षेत्र के कुछ बड़े बिल्डर्स से जुड़े कथित लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों को खंगाले जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, इस संबंध में भी ईडी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कमलेश राजपूत वर्तमान में पटवारी संघ के अध्यक्ष बताए जा रहे हैं। उनकी बेटी भी पटवारी के पद पर कार्यरत हैं। ईडी की टीम द्वारा उनके निवास पर की जा रही कार्रवाई को लेकर भी जांच के वास्तविक कारण और दायरे का आधिकारिक खुलासा होना बाकी है।






