पटना। जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने खुद को जान से मारने की धमकी मिलने का गंभीर दावा किया है। तेज प्रताप यादव का आरोप है कि एक व्यक्ति ने फोन कर उन्हें जान से खत्म करने की धमकी दी और कथित वीडियो वायरल करने के नाम पर ब्लैकमेल करते हुए पैसों की मांग की।
तेज प्रताप यादव ने इस पूरे मामले की जानकारी अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट के जरिए साझा की है। उन्होंने दावा किया कि दोपहर 3 बजकर 11 मिनट पर मोबाइल नंबर 7520322647 से उनके पास फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर खुद को एक मीडिया हाउस से जुड़ा हुआ बताया।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसों की मांग का आरोप
तेज प्रताप यादव के मुताबिक, फोन करने वाले शख्स ने पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद कथित वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उनसे पैसे की मांग की गई। उन्होंने इसे गंभीर आपराधिक मामला बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में संबंधित मोबाइल नंबर को भी सार्वजनिक किया और प्रशासन से अपील की कि नंबर की तकनीकी जांच कर फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान की जाए। साथ ही, उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
पार्टी के अन्य सदस्यों को भी फोन करने का दावा
तेज प्रताप यादव ने दावा किया कि धमकी देने वाला व्यक्ति सिर्फ उन्हें ही निशाना नहीं बना रहा, बल्कि जनशक्ति जनता दल से जुड़े अन्य लोगों को भी फोन कर कथित तौर पर परेशान और धमका रहा है।
उनके अनुसार, पार्टी के कई सदस्यों को भी वीडियो वायरल करने का डर दिखाया जा रहा है और कथित तौर पर पैसों की मांग की जा रही है। ऐसे में उन्होंने इसे केवल अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।
पहले भी सुरक्षा को लेकर सरकार से लगा चुके हैं गुहार
यह पहली बार नहीं है जब तेज प्रताप यादव ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। इससे पहले भी वह केंद्र और बिहार सरकार से अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग कर चुके हैं।
कुछ दिन पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उनके आवास के बाहर शराब के नशे में दो लोगों को पकड़ा गया था। बाद में दोनों को सचिवालय थाना पुलिस के हवाले किया गया। तेज प्रताप यादव का आरोप था कि इसके बाद आरोपियों के परिजन उनके आवास के बाहर पहुंच गए और घेराव की स्थिति पैदा हो गई।
उन्होंने कहा था कि बिहार के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में उनके कार्यक्रम निर्धारित हैं, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलने के कारण उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों और आवागमन पर असर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से तत्काल पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की थी।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल तेज प्रताप यादव की ओर से लगाए गए धमकी और ब्लैकमेलिंग के आरोपों को लेकर पुलिस की आधिकारिक जांच और कार्रवाई का इंतजार है। मोबाइल नंबर की जांच और संबंधित व्यक्ति की पहचान होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।






