कवर्धा। जिले में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। इसी शैक्षणिक सत्र से 50 एमबीबीएस सीटों के साथ शुरू हुए कवर्धा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने वाला पहला छात्र जिले के सहसपुर लोहारा निवासी हिमांशु देवांगन बना है। जिले के विद्यार्थी के ही मेडिकल कॉलेज के पहले बैच में शामिल होने से क्षेत्र में खुशी और गौरव का माहौल है।
इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने रायपुर से हिमांशु को फोन कर बधाई दी और उसके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। बातचीत के दौरान उप मुख्यमंत्री ने हिमांशु से उसकी स्कूली शिक्षा, नीट परीक्षा की तैयारी और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश तक की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली।
हिमांशु ने बताया कि उसने कक्षा 12वीं में 83 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। इसके बाद नीट परीक्षा की तैयारी के लिए उसने भिलाई में कोचिंग ली और नीट में 512 अंक प्राप्त कर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश हासिल किया। बातचीत में उसने चिकित्सा शिक्षा को लेकर अपनी रुचि और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी साझा की।
‘मेहनत और अनुशासन से आगे बढ़ें’
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने हिमांशु का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने छात्र से कहा कि अब पूरी लगन, मेहनत और अनुशासन के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखें और डॉक्टर बनने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि अपनी मेहनत और उपलब्धियों से माता-पिता एवं परिवार के सपनों को पूरा करने के साथ-साथ कवर्धा जिले का नाम भी रोशन करना है। उप मुख्यमंत्री ने हिमांशु को सलाह दी कि मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद अच्छे संस्थानों और अस्पतालों में काम कर अनुभव हासिल करें तथा आगे चलकर अपनी शिक्षा और अनुभव का लाभ जरूरतमंद लोगों की सेवा में लगाएं।
कवर्धा में चिकित्सा शिक्षा की नई शुरुआत
कवर्धा मेडिकल कॉलेज का इसी शैक्षणिक सत्र से 50 एमबीबीएस सीटों के साथ संचालन शुरू होना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना से कवर्धा और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए दूसरे बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। स्थानीय स्तर पर ही मेडिकल शिक्षा का अवसर मिलने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को नई दिशा मिलेगी।
सबसे खास बात यह है कि जिस मेडिकल कॉलेज की शुरुआत कवर्धा में हो रही है, उसके पहले सत्र में प्रवेश पाने का गौरव भी जिले के ही विद्यार्थी हिमांशु देवांगन को मिला है। सहसपुर लोहारा के इस छात्र की सफलता को जिले में चिकित्सा शिक्षा के नए दौर की शुरुआत से जोड़कर देखा जा रहा है।
स्थानीय प्रतिभा को मिला अपने ही जिले में अवसर
कवर्धा मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से जिले के विद्यार्थियों के लिए डॉक्टर बनने का सपना अब अपने क्षेत्र में रहकर पूरा करने का रास्ता खुला है। हिमांशु का पहले ही बैच में चयन होना इस बात का उदाहरण है कि जिले की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल कर सकती हैं। कॉलेज के पहले छात्र के रूप में हिमांशु का प्रवेश जिले के लिए यादगार उपलब्धि बन गया है।






