डबल इंजन सरकार में छत्तीसगढ़ का युवा बेरोजगार, सरकारी वैकेंसी में ताला, उद्योगों में छंटनी का ’बुलडोजर’ – दीपक बैज

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रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा ने ’मोदी की गारंटी’ के नाम पर युवाओं को 1 लाख सरकारी नौकरियों का सपना दिखाया था। 100 दिन में अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा था, हकीकत यह है कि पीएससी, व्यापम और शिक्षक भर्ती जैसी संस्थाएं ठप पड़ी हैं, अनियमित कर्मचारियों को नौकरी से निकाल जा रहा है, हजारों विद्या मितान, अतिथि शिक्षक, संविदा कर्मचारी, रसोईया, सफाई कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई। नए पद सृजित करना तो दूर, स्वीकृत पदों पर भी भर्ती नहीं हो रही है। आज छत्तीसगढ़ का युवा आक्रोशित है, भाजपा की सरकार में ठगा हुआ और महसूस कर रहा है। सत्ता में आने से पहले भाजपा ने हर साल लाखों सरकारी नौकरियों और स्थानीय रोजगार का सपना दिखाया था, लेकिन आज हकीकत यह है कि सरकारी विभागों में वेकंसी पर ताला लगा है, भर्ती परीक्षाएं ठप हैं, और जो निजी उद्योग छत्तीसगढ़ के संसाधनों का दोहन कर रहे हैं, वे हमारे स्थानीय युवाओं की छंटनी कर रहे हैं। आउटसोर्सिंग के नाम पर छत्तीसगढ़ी युवाओं के हक को बाहरी लोगों को बेचा जा रहा है। विष्णुदेव साय सरकार रोजगार देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि सरकार की युवा विरोधी नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी बेकाबू हो चुकी है, सरकारी भर्ती पर ताला लगा है, निजी उद्योगों में छंटनी और बाहरी कामगारों का आउटसोर्सिंग करके छत्तीसगढ़ के युवाओं के हक पर डकैती डाल रहे हैं। प्रदेश के उच्च शिक्षित युवा इंजीनियर, ग्रेजुएट, डिप्लोमा धारक, आईटीआई प्रशिक्षित और सामान्य छात्र हताशा और अवसाद के शिकार हो रहे हैं। जिला रोजगार कार्यालयों में केवल फाइलों का ढेर लग रहा है, अवसर शून्य हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, वन, महिला बाल विकास सहित लगभग सभी विभागों में नियमित पदों पर भर्ती हुई। स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शिक्षकों की बंपर भर्ती, पुलिस भर्ती, राजीव युवा मितान क्लब, और स्थानीय उद्योगों में 80 प्रतिशत स्थानीय रोजगार के नियम को सख्ती से लागू किया गया था। आज भाजपा सरकार में वो नीतियां पूरी तरह निरस्त कर दी गई हैं। भाजपा का ’डबल इंजन’ युवाओं के लिए ’डबल शोषण का इंजन’ बन गया है। ना सरकारी नौकरी, ना निजी में सुरक्षा।

 

 

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