फर्जी नियुक्ति और फर्जी ट्रांसफर का गिरोह बेखौफ काम कर रहा है – कांग्रेस

0
5

रायपुर। बीज निगम में फर्जी नियुक्ति पत्र और स्वास्थ्य विभाग में फर्जी ट्रांसफर आदेश के मामले को सीधे तौर पर प्रशासनिक भ्रष्टाचार, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बताते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार आते ही भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े का खुला खेल शुरू हो गया है। कृषि विभाग के सबसे महत्वपूर्ण अंग ’बीज निगम’ में फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी ट्रांसफर आदेश बांटे जा रहे हैं। एक तरफ छत्तीसगढ़ का बेरोजगार युवा सड़कों पर भटक रहा है, वहीं दूसरी तरफ बीज निगम में बैकडोर से पैसे लेकर फर्जी नियुक्तियों का सिंडिकेट चल रहा है। बीज निगम सीधे तौर पर किसानों के हितों से जुड़ा है, यह सीधे तौर पर हमारे युवाओं के साथ धोखा और किसानों के साथ गद्दारी है।

प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि भाजपा सरकार राज्य में ’सुशासन’ और ’जीरो टॉलरेंस’ का ढिंढोरा पीट रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि बीज निगम जैसी महत्वपूर्ण संस्था में महाप्रबंधक के डिजिटल हस्ताक्षर स्कैन कर उसका स्तेमाल करके फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए जा रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग में फर्जी ट्रांसफर के लेटर पैड खुलेआम बट रहे हैं। हाल ही में बलौदा बाजार जिले में आरएमए के फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले में दो बड़े भाजपा नेताओं की संलिप्तता उजागर हुए हैं। इस सरकार में प्रशासनिक निगरानी पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। फर्जी ट्रांसफर और फर्जी नियुक्तियों का गिरोह बेखौफ काम कर रहा है। भाजपा के कुशासन में प्रदेश दलालों और फर्जीवाड़े का अड्डा बन गया है।

प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि साय सरकार में ’फर्जीवाड़े की बहार’ है। यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी 5 मार्च को सामान्य प्रशासन विभाग के नाम पर भी ऐसे फर्जी नियुक्ति आदेश जारी हुए थे जिसमें परिवहन, राजस्व, आपदा प्रबंधन, वन, जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और स्कूल शिक्षा विभाग में भर्ती के अनुशंसा दिखाई गई थी, तब सचिव विस्तार के विभागीय अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग किया गया था। पूरे प्रदेश में फर्जीवाड़ा सिंडिकेट सक्रिय है, जिसे शासन-प्रशासन में बैठे बड़े चेहरों का संरक्षण प्राप्त है। यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित ’नौकरी और ट्रांसफर घोटाला’ है। यह ’जीरो टॉलरेंस नहीं, शत प्रतिशत करप्शन’ वाली सरकार है, जहाँ मंत्री सो रहे हैं और सिंडिकेट विभाग चला रहा है! अब तक कितने बेरोजगार युवाओं से नौकरी और ट्रांसफर के नाम पर उगाही की है, इसका ब्योरा सरकार सार्वजनिक क्यों नहीं करती?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here