झीरम हत्याकांड का फैसला आधा-अधूरा न्याय, साजिश का सच अब भी सामने नहीं आया: दीपक बैज

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रायपुर। झीरम घाटी हत्याकांड मामले में एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इसे “आधा-अधूरा न्याय” बताते हुए जांच की दिशा और प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस अदालत के फैसले का सम्मान करती है, लेकिन इस फैसले से झीरम हत्याकांड के पीछे की कथित बड़ी साजिश का पर्दाफाश नहीं हुआ है।

दीपक बैज ने कहा कि एनआईए ने मामले की जांच शुरू से ही एक सीमित दिशा में की। उनके अनुसार, जांच में घटना के राजनीतिक षड्यंत्र के पहलू की पर्याप्त पड़ताल नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एनआईए की जांच में बड़ी संख्या में नक्सलियों के घटना में शामिल होने की बात सामने आई थी और कई लोगों को नामजद किया गया था, तो आरोप सिद्ध होकर केवल 10 लोगों तक ही क्यों सीमित रह गए।

बड़े नक्सली नेताओं के नाम चार्जशीट से हटाने पर सवाल

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एनआईए की शुरुआती एफआईआर में प्रमुख नक्सली नेताओं गणपति उर्फ मुपल्ला लक्ष्मण राव और रमन्ना के नाम शामिल थे। कांग्रेस का दावा है कि 21 मार्च 2014 को गणपति और रमन्ना सहित 26 फरार आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए गए थे, लेकिन बाद की चार्जशीट में इनके नाम नहीं रहे।

बैज ने सवाल किया कि अगस्त 2014 तक जिन लोगों के नाम जांच में मौजूद थे, सितंबर 2014 में प्रारंभिक एवं अंतिम चार्जशीट से उनके नाम क्यों हटा दिए गए। उन्होंने देवा उर्फ सुक्का के नाम का भी उल्लेख करते हुए पूछा कि जब एनआईए ने उसे वांछित घोषित किया था और उस पर इनाम रखा था, तो बाद में उससे पूछताछ क्यों नहीं की गई।

 

सरेंडर कर चुके नक्सलियों से पूछताछ क्यों नहीं हुई?

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि झीरम घाटी हमले से जुड़े बताए गए कई नक्सली बाद में पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर चुके हैं। उन्होंने चैतू उर्फ श्याम दादा, रूपेश उर्फ मोल्ला राजिरड्डी, निर्मला उर्फ सुमित्रा, भूपति उर्फ सोनू दादा और केंद्रीय समिति सदस्य सुजाता जैसे नामों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि इनसे एनआईए ने कब पूछताछ की और इन्हें अभियोजित क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि यदि ये लोग झीरम हमले की साजिश अथवा घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों से परिचित थे, तो जांच एजेंसी को इनसे पूछताछ कर सच्चाई सामने लानी चाहिए थी।

 

“परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा क्यों हटाई गई?”

कांग्रेस ने झीरम हत्याकांड की साजिश को लेकर कई सवाल दोहराए। बैज ने पूछा कि कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा क्यों हटाई गई थी? यात्रा का मार्ग किसके कहने पर और क्यों बदला गया? हमले की योजना किसने बनाई थी? उन्होंने यह भी सवाल किया कि घटना में घायल और जीवित बचे प्रत्यक्षदर्शियों के बयान कितनी गंभीरता से दर्ज किए गए।

कांग्रेस का आरोप है कि झीरम हमले के दौरान घायल हुए और जीवित बचे लोगों के बयान तक उचित रूप से दर्ज नहीं किए गए। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि घटनास्थल पर पड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों, फाइलों और मोबाइल फोन को लेकर जांच एजेंसी ने क्या कार्रवाई की।

SIT की जांच रोकने पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल

दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से गठित एसआईटी की जांच को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि एनआईए ने राज्य पुलिस की एसआईटी को जांच से क्यों रोका। कांग्रेस ने मांग की कि मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी, एडीजी नक्सल सहित संदिग्ध सरेंडर नक्सलियों के नार्को टेस्ट पर भी विचार किया जाना चाहिए।

भाजपा पर लगाया सच सामने नहीं आने देने का आरोप

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा पर झीरम हत्याकांड की जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा की तत्कालीन सरकार की भूमिका को लेकर शुरू से सवाल उठते रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि न्यायिक जांच आयोग और एसआईटी की जांच को लेकर अलग-अलग स्तरों पर कानूनी अड़चनें खड़ी की गईं।

बैज ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस की एसआईटी गठित की गई थी, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट से एसआईटी के पक्ष में फैसला आने के बाद भी वर्तमान भाजपा सरकार ने लंबे समय तक जांच शुरू नहीं की।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार झीरम हत्याकांड की पूरी सच्चाई सामने नहीं आने देना चाहती, जबकि पार्टी का कहना है कि इस मामले में केवल हमले को अंजाम देने वालों तक सीमित जांच के बजाय इसके पीछे की पूरी साजिश और राजनीतिक षड्यंत्र का खुलासा होना चाहिए।

पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, प्रभारी महामंत्री मलकित सिंह गैदू, कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, रायपुर शहर जिला अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन, महामंत्री सकलेन कामदार, मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, वरिष्ठ प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह और प्रवक्ता सौरभ साहू सहित कांग्रेस के अन्य नेता मौजूद रहे।

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