रायपुर। गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के अशोक नगर में नाबालिग बच्चों को डराने-धमकाने और ब्लैकमेल कर उनसे सोने-चांदी के जेवरात तथा नगदी मंगवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कथित तौर पर उगाही किए गए सोने के कान के टॉप्स और चेन भी बरामद किए हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अशोक नगर में 11 वर्षीय नाबालिग बच्ची अपनी मामी के साथ रहती है। बच्ची के पड़ोस में वंदना साहू अपने पति दीपक साहू के साथ रहती है। आरोप है कि वंदना और दीपक ने बच्ची को डराने-धमकाने के साथ उस पर दबाव बनाया और उसके घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात लाने के लिए मजबूर किया।
नानी का रानीहार भी ले आई बच्ची
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों के दबाव में आकर बच्ची ने 2 सितंबर को अपनी नानी का रानीहार भी चोरी-छिपे घर से निकालकर वंदना साहू को दे दिया। इसके अलावा बच्ची से नगदी रकम भी मंगवाए जाने का आरोप है। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की तो सामने आया कि मोहल्ले के अन्य बच्चों को भी कथित तौर पर डराया-धमकाया गया और उनसे पैसे तथा जेवरात मंगवाए गए।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए गुढ़ियारी पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 308(2) और 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया। नॉर्थ जोन की डिप्टी कमिश्नर दीपमाला कश्यप ने एडीसीपी आदित्य पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारियों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद पुलिस टीम ने पीड़ित परिवार और नाबालिग से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। इसके बाद आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर वंदना साहू और दीपक साहू को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में अपराध स्वीकार करने का दावा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने बच्चों को डराकर जेवर और नगदी मंगवाने की बात स्वीकार की है। आरोपियों के कब्जे से सोने के कान के टॉप्स और चेन बरामद किए गए हैं। पुलिस दोनों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
बच्चों की संगत पर नजर रखना जरूरी
यह मामला अभिभावकों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश है। बच्चों के साथ कौन रहता है, वे किन लोगों के संपर्क में हैं और स्कूल या घर के बाहर उनका समय किस तरह बीत रहा है, इस पर माता-पिता और परिजनों को नजर रखनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति बच्चे को डराता-धमकाता है या उस पर किसी तरह का दबाव बनाता है, तो इसकी जानकारी तत्काल परिजनों और पुलिस को देना जरूरी है।






