रायपुर। शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग में एमएससी प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विभागीय रसायन परिषद का गठन भी किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, प्रयोगशाला कार्य, शोध गतिविधियों के साथ रसायन शास्त्र के क्षेत्र में उपलब्ध उच्च शिक्षा और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष डॉ. गोवर्धन व्यास ने प्राचार्य डॉ. अंजलि भटनागर के स्वागत के साथ की। डॉ. व्यास ने रसायन शास्त्र के बदलते स्वरूप और वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विषय केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं है, बल्कि चिकित्सा, उद्योग, कृषि, पर्यावरण, तकनीक और दैनिक जीवन से भी सीधे जुड़ा है। उन्होंने विद्यार्थियों में विषयगत ज्ञान के साथ वैज्ञानिक सोच, शोध अभिरुचि, प्रस्तुतीकरण क्षमता और नेतृत्व कौशल विकसित करने पर जोर दिया।

प्राचार्य डॉ. अंजलि भटनागर ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक जिम्मेदारी से युक्त व्यक्तित्व का निर्माण करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों के साथ स्वयं को अपडेट रखने, स्व-अध्ययन की आदत विकसित करने तथा शोध और नवाचार के क्षेत्र में नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित किया।
सहायक प्राध्यापक अनुराधा चौधरी ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, मूल्यांकन पद्धति, परीक्षा नियम और शैक्षणिक प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं डॉ. यामिनी ठाकुर ने शोध कार्य की प्रकृति, प्रयोगशाला प्रशिक्षण और शोध के दौरान आने वाली चुनौतियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि शोध विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तार्किक सोच, विश्लेषण और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का माध्यम है।
कार्यक्रम में डॉ. विभा तिवारी, डॉ. रेखा सोनी, डॉ. भारती एम. पारधी और डॉ. निशा छेत्री ने भी रसायन शास्त्र की विभिन्न शाखाओं, नवीन वैज्ञानिक विकास तथा उच्च शिक्षा एवं रोजगार की संभावनाओं पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
रसायन परिषद का गठन
कार्यक्रम के दौरान विभागीय रसायन परिषद के गठन की औपचारिक घोषणा प्रभारी डॉ. यामिनी ठाकुर ने की। उन्होंने बताया कि परिषद के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाई जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित किया जाएगा। नवगठित परिषद के पदाधिकारियों का परिचय कराया गया। विद्यार्थियों ने भी अपना परिचय देते हुए परिषद की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर एवं संवाद सत्र भी हुआ। विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रम, परीक्षा, शोध, प्रयोगशाला और करियर से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विभागीय शिक्षकों ने समाधान किया। इससे विद्यार्थियों को अपने आगामी शैक्षणिक जीवन की दिशा समझने में मदद मिली।
समापन पर विभागाध्यक्ष डॉ. गोवर्धन व्यास ने महाविद्यालय प्रशासन, प्राचार्य, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों से रचनात्मकता, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। प्राचार्य डॉ. भटनागर ने कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए केवल स्वागत कार्यक्रम नहीं, बल्कि शोध, नवाचार, विभागीय गतिविधियों और करियर की संभावनाओं से परिचित कराने की सार्थक पहल रहा।






