बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर रायपुर में न्याय सत्याग्रह: कैंडल मार्च निकालकर पीड़ित परिवारों को न्याय, दोषियों पर कार्रवाई और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग

0
5

रायपुर। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बच्चों की लगातार हो रही मौतों के विरोध में रायपुर शहर जिला आदिवासी कांग्रेस ने शुक्रवार को कैंडल मार्च निकालकर न्याय सत्याग्रह किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, छत्तीसगढ़ आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष जनक ध्रुव, विकास उपाध्याय एवं संगठन महामंत्री प्रदेश आदिवासी कांग्रेस कुलदीप ध्रुव के निर्देश पर जिला आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष दीपेश कृपाल के नेतृत्व में यह आंदोलन आयोजित किया गया।

न्याय सत्याग्रह के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने, आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने तथा बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवारों को तत्काल न्याय देने की आवाज बुलंद की।

जिला आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष दीपेश कृपाल ने कहा कि बालाघाट में बच्चों की मौत का मामला केवल स्वास्थ्य व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छ पेयजल और समय पर चिकित्सा सुविधा की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।

कृपाल ने कहा कि आदिवासी समाज के बच्चों की सुरक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल बालाघाट के पीड़ित परिवारों की नहीं, बल्कि देशभर के आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और जीवन से जुड़ा मुद्दा है। आदिवासी कांग्रेस पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक अपनी आवाज उठाती रहेगी।

कैंडल मार्च और न्याय सत्याग्रह में आदिवासी कांग्रेस के जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए। आंदोलन के दौरान “पीड़ित परिवारों को न्याय दो, दोषियों पर कार्रवाई करो और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करो” जैसे नारों के साथ सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here