रायपुर। नशे की बढ़ती समस्या से प्रभावित लोगों को बेहतर उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संकल्प सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। समिति की डायरेक्टर मनीषा शर्मा के निर्देशन में संकल्प द्वारा संचालित SLCA के माध्यम से आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रायपुर के तेलीबांधा स्थित होटल रॉयल इन में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में नशा मुक्ति एवं नशा उन्मूलन के क्षेत्र में कार्य कर रही 36 संस्थाओं के काउंसलर, आउटरीच वर्कर एवं सोशल वर्करों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों की पहचान से लेकर उनके उपचार, प्रभावी काउंसलिंग, पुनर्वास और समुदाय स्तर पर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्यकर्ताओं की दक्षता एवं क्षमता को बढ़ाना रहा।
विशेषज्ञों ने दिए व्यावहारिक प्रशिक्षण
तीन दिनों तक चले प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में नशा मुक्ति के क्षेत्र में लंबे समय से कार्य कर रहे अनुभवी एवं दक्ष मास्टर ट्रेनरों ने प्रतिभागियों को अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान IRCA, ODIC एवं CBPLI के अंतर्गत कार्यरत काउंसलर, सोशल वर्कर और आउटरीच वर्करों को नशा मुक्ति से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
मास्टर ट्रेनरों ने प्रतिभागियों को नशे की रोकथाम, नशा पीड़ित व्यक्तियों की पहचान, उनकी मनो-सामाजिक आवश्यकताओं को समझने, प्रभावी काउंसलिंग, उपचार प्रक्रिया तथा पुनर्वास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों तक नशा मुक्ति से जुड़ी सेवाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
क्षेत्रीय चुनौतियों और समाधान पर भी चर्चा
प्रशिक्षण के दौरान केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को क्षेत्र में आने वाली वास्तविक चुनौतियों से निपटने के व्यावहारिक तरीके भी बताए गए। नशा पीड़ितों एवं उनके परिवारों के साथ संवाद स्थापित करने, उपचार के लिए प्रेरित करने तथा उपचार के बाद पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर भी विशेष मार्गदर्शन दिया गया।
प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए अपने क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों, अनुभवों एवं समस्याओं को विशेषज्ञों के साथ साझा किया। मास्टर ट्रेनरों ने इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक रणनीतियों और प्रभावी हस्तक्षेप के तरीकों पर मार्गदर्शन दिया।
बेहतर सेवाओं के लिए क्षमता निर्माण पर जोर
आयोजकों के अनुसार, नशा मुक्ति के क्षेत्र में काम करने वाले कार्यकर्ताओं का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से नशे की समस्या से प्रभावित व्यक्तियों तक बेहतर काउंसलिंग, उपचार, पुनर्वास एवं अन्य आवश्यक सेवाएं अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाई जा सकती हैं।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं को अपने कार्यक्षेत्र में और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा मुक्ति के लिए जमीनी स्तर पर कार्य कर रही संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाते हुए समाज को नशामुक्त बनाने के प्रयासों को गति देना रहा।






