अंजनेया विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय ने कौशल-आधारित शिक्षा में रचा नया मानक

0
5
अंजनेया विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय ने कौशल-आधारित शिक्षा में रचा नया मानक

रायपुर। अंजनेया विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय ने व्यावहारिक, अनुभवात्मक एवं उद्योगोन्मुखी शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विज्ञान संकाय द्वारा DPIIT एवं ISO प्रमाणित बायोइनोवेले लाइफसाइंस (प्रा.) लिमिटेड के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। लगातार तीसरे वर्ष आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 80 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आधुनिक जैव-विज्ञान की उन्नत तकनीकों का प्रत्यक्ष एवं प्रयोगात्मक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें प्रयोगशाला आधारित तकनीकों, अनुसंधान पद्धतियों और उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराना था। प्रशिक्षण के दौरान बायोइनोवेले लाइफसाइंस के विशेषज्ञ श्री देबाशीष साहू ने विद्यार्थियों को मेटाबोलॉमिक्स से लेकर जीनोमिक्स तक की विभिन्न अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण में विद्यार्थियों ने मेटाबोलाइट निष्कर्षण एवं परिमाणीकरण, टीएलसी (Thin Layer Chromatography) आधारित पृथक्करण, डीएनए निष्कर्षण तथा एगारोज जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस जैसी महत्वपूर्ण प्रयोगशाला तकनीकों को स्वयं प्रयोग करके समझा। इस दौरान विद्यार्थियों को इन तकनीकों के अनुसंधान, बायोटेक्नोलॉजी तथा फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में उपयोग एवं संभावनाओं से भी अवगत कराया गया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के महानिदेशक डॉ. बी. सी. जैन, कुलपति डॉ. टी. रामाराव, निदेशक डॉ. जयेंद्र नारंग, कुलसचिव डॉ. रूपाली चौधरी एवं डीन एकेडमिक्स डॉ. हरीश शर्मा उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों में व्यावहारिक दक्षता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

विज्ञान संकाय की डीन डॉ. शिल्पा शर्मा ने कहा, “अंजनेया विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में हमारा निरंतर प्रयास है कि विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की शिक्षा के साथ वास्तविक प्रयोगशाला अनुभव भी प्राप्त हो। विशेषज्ञ श्री देबाशीष साहू के मार्गदर्शन में लगातार तीसरे वर्ष आयोजित यह सफल प्रशिक्षण कार्यक्रम हमारे विद्यार्थियों को बायोटेक्नोलॉजी एवं फॉरेंसिक साइंस जैसे उभरते क्षेत्रों में करियर के लिए तैयार करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों के लिए केवल डिग्री और सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीकों पर व्यावहारिक पकड़ और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल भी आवश्यक है। इसी दिशा में विज्ञान संकाय द्वारा नियमित रूप से ऐसे प्रशिक्षण, कार्यशालाएं एवं प्रयोगात्मक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

अंजनेया विश्वविद्यालय का विज्ञान संकाय अनुभवात्मक शिक्षा, कौशल विकास एवं अनुसंधान-आधारित शिक्षण को प्राथमिकता देते हुए विद्यार्थियों को भविष्य की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। लगातार तीसरे वर्ष इस प्रशिक्षण का सफल आयोजन विश्वविद्यालय की उद्योग एवं अकादमिक जगत के बीच मजबूत साझेदारी तथा विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं करियर-केंद्रित शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here