रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार आने वाले दिनों में धीमी पड़ने वाली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश की गतिविधियों में कमी देखने को मिल सकती है। हालांकि इस दौरान कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। कई स्थानों पर आसमान में बादल छाए रहेंगे, जिससे मौसम में नमी बनी रह सकती है।
बस्तर संभाग में बारिश के आसार
मानसून की कमजोर गतिविधियों के बीच बस्तर संभाग के कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और कोंडागांव में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
बारिश के दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने ऐसे मौसम के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं प्रदेश के अधिकांश अन्य हिस्सों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।
बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम पड़ रहा कमजोर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और आसपास सक्रिय मौसम प्रणाली अब कमजोर पड़ रही है। इसका सीधा असर छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियों पर देखने को मिल सकता है। सिस्टम के कमजोर होने से प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना कम हुई है।
हालांकि स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण कुछ क्षेत्रों में अचानक बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। ऐसे में मौसम पूरी तरह शुष्क होने के बजाय बादलों की आवाजाही और कहीं-कहीं हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
रायपुर में आंशिक बादल, 33 डिग्री तक तापमान
राजधानी रायपुर में भी आने वाले दिनों में मौसम आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। तापमान में फिलहाल किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
अगले दो दिन हल्की बारिश, फिर और कमजोर होगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद मानसून की गतिविधियां और कमजोर होने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश में फिलहाल तेज और व्यापक बारिश के बजाय हल्की बारिश, बादल और कुछ स्थानों पर गरज-चमक की स्थिति बनी रहने का अनुमान है।
मौसम में बदलाव के बीच खासकर बस्तर संभाग के जिलों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।






