रायपुर। बस्तर पंडुम के नाम से सरकार ने भारी भ्रष्टाचार किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राष्ट्रपति, केंद्रीय गृहमंत्री के आगमन पर टेंट, कुर्सी, पंडाल के आदि लगाने के नाम पर 6 करोड़ 14 लाख से अधिक गड़बड़ी की गई। 3 दिनों के कार्यक्रम में फूल माला पर 28 लाख रू. खर्च किया गया। यही नहीं ग्रीन रूम बनाने में 42 लाख रू. खर्च किया गया। इतने तो पक्का परमानेंट आराम गाह बन जाता। कपड़े के साईड वाल पर 44 लाख खर्च किया गया। कारपेट के नाम पर 33 लाख खर्च किया गया। कुर्सी-टेबल आदि में 12.5 लाख खर्च किया गया। आर्टिस्टिक लगाने में एक दिन का 16.84 लाख खर्च किया गया। राष्ट्रपति के एक दिन के प्रवास में वेलकम एरिया में 17.5 लाख रू. खर्च किया गया। बस्तर का आम आदिवासी रोज जीवन जीने के लिए संघर्ष कर रहा, महुआटोरा वनोपज संग्रहण जिसकी आजीविका का साधन है। उसी आदिवासी की संस्कृति के नाम पर फिजूल खर्ची आदिवासियों को मुंह चिढ़ाने वाली है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जो पैसा दिखावे में खर्च किया गया, उसको आदिवासियों की बेहतरी पर खर्च होना था। 6.14 करोड़ में तो पिछली बारिश से टुटे दर्जनों पुल, पुलिया, सड़क बन जाते, जितना खर्चा टेंट, कुर्सी, आदि पर खर्च किया, उतने में तो सिमेंट का पक्का डोम बना जाता। बस्तर पंडुम आदिवासियों के संस्कृति, रूढ़िवादी परंपरा एवं संस्कृति त्यौहार है, यह सरकार का कोई आयोजन नहीं है। सरकार ने इसे अपने आत्म प्रचार का माध्यम बनाने की कोशिश किया। इसमें किए गए भ्रष्टाचार ने बस्तर का आदिवासियों को अपमानित किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार बस्तर के नाम लूट खसोट और झूठी प्रदर्शनी लगाने बंद करें। बस्तर वासियों के हालात सुधर जायेंगे? बस्तर के लोग खुद आत्मनिर्भर बनना चाहते है। बस्तर वासियों के नाम पर घोटाला करना बंद करें। इसके पहले भी बस्तर ओलम्पिक के नाम पर घोटाला किया गया। 1539 का टैªक सूट 2499 में खरीदा गया था। बस्तर के तेंदूपत्ता संग्राहकों के जूते में घोटाला करने से सेफ्टी शू खरीदा गया। बस्तर संभाग की पंचायतो को देने के लिये 1 करोड़ नहीं है। गृहमंत्री के दौरे पर खर्च करने के लिये करोड़ो रूपये आ गया। बस्तर सरकार ने बस्तर पंडुम में घोटाला कर बस्तरवासियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है।






