छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पूछा- बैन के बावजूद कहां बन रहा प्लास्टिक; निकायों से मांगी रिपोर्ट, 7 अक्टूबर तक मांगी जानकारी

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बिलासपुर। प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अब केवल बाजार में इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई का हिसाब नहीं चलेगा। हाई कोर्ट ने जब पूछा कि प्रतिबंधित प्लास्टिक का निर्माण, परिवहन और आपूर्ति कहां से हो रही है और इसके स्रोतों पर क्या कार्रवाई की गई, तो राज्य को इस संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाने की जरूरत पड़ी है।

इसके बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों से कार्रवाई का पूरा ब्योरा मांगा है।

7 अक्टूबर तक की मांगी गई जानकारी

निकायों को 1 जुलाई से 7 अक्टूबर 2026 तक की कार्रवाई की जानकारी निर्धारित प्रपत्र में देनी होगी। इस जानकारी के आधार पर मुख्य सचिव हाई कोर्ट में नया शपथपत्र और कार्रवाई रिपोर्ट पेश करेंगे। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होनी है।

मामला नितिन सांघवी की जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई की निगरानी हाई कोर्ट कर रहा है। 13 मई की सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि केवल जुर्माना लगाने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा।

अधिकारियों को यह भी पता लगाना होगा कि प्रतिबंधित प्लास्टिक बन कहां रहा है, उसका परिवहन कौन कर रहा है और इसकी आपूर्ति किन माध्यमों से हो रही है। 24 अगस्त की सुनवाई में कोर्ट ने मुख्य सचिव को पहले दाखिल शपथपत्र के संबंधित हिस्सों पर नया शपथपत्र पेश करने कहा था। इसी के बाद अब निकाय स्तर से नए सिरे से जानकारी जुटाई जा रही है।

पहले की रिपोर्ट में कार्रवाई का आंकड़ा

मुख्य सचिव के 7 जुलाई के शपथपत्र के अनुसार प्रदेश के 194 नगरीय निकायों में 1 जुलाई 2022 से मई 2026 तक 16,497 निरीक्षण किए गए। इस दौरान 9,216 किलो सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त हुआ और 59 लाख 75 हजार 574 रुपये जुर्माना वसूला गया।

रायपुर में 7 लाख 26 हजार 500 रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाई गई और एक निर्माता के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज की गई थी। बिलासपुर में मई-जून 2026 के विशेष अभियानों में करीब 386 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त कर 93,100 रुपये जुर्माना और पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाई गई।

अब तीन हिस्सों में मांगी जानकारी

संचालनालय ने निकायों से सफाई एवं प्लास्टिक कचरा हटाने के अभियान, जनजागरूकता अभियान तथा प्रतिबंधित प्लास्टिक के निर्माण, परिवहन, भंडारण और आपूर्ति के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी मांगी है।

तीसरे हिस्से में प्रकरणों की संख्या, जब्ती की मात्रा और की गई कार्रवाई का पूरा विवरण देना होगा। यह जानकारी मुख्य सचिव के नए शपथपत्र के लिए संकलित की जाएगी। हाई कोर्ट 13 अक्टूबर को मामले की आगे निगरानी करेगा।

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