महासमुंद जिले के झिटकी गांव में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात एक तेंदुआ घर में घुस गया और यादव परिवार के छह सदस्यों पर हमला कर दिया। हमले में चार पुरुष और दो महिलाएं घायल हुए हैं, जिनमें से तीन लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। तेंदुए के हमले के बीच परिजनों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए उसे घर के ही एक कमरे में बंद कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। इस घटना के बाद से झिटकी गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
देर रात बाथरूम जाने पर हुआ हमला
यह घटना रात करीब 1:30 बजे की है। 55 वर्षीय उत्तरी बाई बाथरूम जाने के लिए अपने घर से बाहर निकली थीं। उसी समय वहां घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक उत्तरी बाई पर हमला कर दिया। उनके शोर मचाने पर परिवार के अन्य सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे। इसी दौरान तेंदुआ घर के भीतर दाखिल हो गया और उसने एक-एक कर 60 वर्षीय सरजु यादव, 36 वर्षीय जनक यादव, 18 वर्षीय मनीष यादव, 14 वर्षीय कषार यादव तथा 32 वर्षीय सुनीता यादव पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया।
सूझबूझ से तेंदुए को कमरे में किया बंद
घर के भीतर चीख-पुकार मचने के बावजूद परिजनों ने सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। अपनी जान बचाते हुए परिजनों ने तेंदुए को चालाकी से एक कमरे में कैद कर दिया और दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस और वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को उस घर से दूर रहने की हिदायत दी। वन अमले ने तेंदुए के बंद कमरे के आसपास अपनी निगरानी बढ़ा दी है और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
घायलों का इलाज, रेस्क्यू की तैयारी
तेंदुए के हमले में घायल सभी छह लोगों को आपातकालीन सेवा 112 की मदद से तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को महासमुंद मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में तीन घायलों की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें आगे के इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया। वहीं, वन विभाग ने तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारी शुरू कर दी है।तेंदुए को पकड़ने के लिए रायपुर से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। टीम के पहुंचने के बाद तेंदुए के रेस्क्यू की कार्रवाई शुरू की जाएगी।