स्व. पत्रकार पंकज शर्मा को सम्मान: उनके नाम पर होगा स्कूल और बाल उद्यान, विजय शर्मा और बृजमोहन अग्रवाल ने की नामकरण की घोषणा

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स्व. पत्रकार पंकज शर्मा को सम्मान: उनके नाम पर होगा स्कूल और बाल उद्यान, विजय शर्मा और बृजमोहन अग्रवाल ने की नामकरण की घोषणा

धरसींवा/रायपुर। रायपुर की पावन माटी से निकलकर दिल्ली और अमेरिका तक अपनी अद्वितीय प्रतिभा का परचम फहराने वाले स्व. पंकज शर्मा महज 33 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन हिंदी पत्रकारिता के इतिहास में वे अपनी अमिट और अमूल्य छाप छोड़ गए हैं। छत्तीसगढ़ महाविद्यालय से अपनी प्रखर वक्तृत्व कला, गहन अध्ययनशीलता और तार्किक शैली के बल पर विशिष्ट पहचान बनाने वाले पंकज जी अपने दौर के बेहद ओजस्वी और निर्भीक पत्रकार थे।

हादसे में खोया था यह चमकता सितारा
गौरतलब है कि, वर्ष 1970 में तत्कालीन राष्ट्रपति वी.वी. गिरि की भूटान-सिक्किम यात्रा के आधिकारिक कवरेज के दौरान, 28 अप्रैल 1970 को हुए एक दर्दनाक भूस्खलन हादसे में इस चमकते हुए सितारे का असामयिक निधन हो गया था। उनके इसी गौरवमयी इतिहास और योगदान को याद करते हुए प्रदेश के वरिष्ठ राजनेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

कार्यक्रम में मौजूद अतिथि

खबरों की गहराई तक उतरने वाला वह बेबाक पत्रकार
अद्भुत ऊर्जा, जीवंतता और ऐतिहासिक उपलब्धियों के धनी थे पंकज जी स्व. पंकज शर्मा जी के समकालीन और साथी बताते हैं कि वे अद्भुत ऊर्जा और जीवंतता से भरे व्यक्तित्व थे। वे तेज चलते थे, तेज बोलते थे और उनका लेखन भी उतना ही प्रखर, तीखा और प्रभावशाली होता था। वे खबरों की केवल सतह तक सीमित नहीं रहते थे, बल्कि उसकी गहराई में उतरकर सच्चाई को सामने लाना ही उनका मूल उद्देश्य था। वे प्रदेश के ऐसे पहले पत्रकार थे जिन्हें पत्रकारिता के लिए विख्यात ‘रीडर डाइजेस्ट’ से स्कॉलरशिप प्राप्त हुई थी। इसके साथ ही, वे तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति के इंटरव्यू पैनल में शामिल रहने वाले समूचे प्रदेश के आज पर्यन्त एकमात्र पत्रकार हैं। वर्ष 1970 में हुआ वह दर्दनाक हादसा केवल एक पत्रकार की क्षति नहीं थी, बल्कि छत्तीसगढ़ के दिल में आज भी बसी एक ऐसी कसक है जो कभी कम नहीं होती।

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स्व. पंकज शर्मा का जीवन महानता और ध्येयनिष्ठ कर्मों का प्रतीक- विजय शर्मा
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने स्व. पंकज शर्मा को नमन करते हुए कहा कि, पंकज शर्मा जी का जीवन भारतीय पत्रकारिता का एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय है, जो यह सिद्ध करता है कि महानता उम्र की मोहताज नहीं होती, बल्कि उत्कृष्ट और ध्येयनिष्ठ कर्मों से हासिल होती है। अपने बेहद छोटे जीवनकाल में भी उन्होंने शोधपरक, निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता के जो उच्च मानदंड स्थापित किए, वे आज के दौर में भी उतने ही प्रासंगिक और अनुकरणीय हैं।

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वैश्विक पहचान के अद्भुत हस्ताक्षर थे पंकज शर्मा- अग्रवाल
वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने उनके अवदान को रेखांकित करते हुए कहा कि, स्व. पंकज शर्मा जी अद्भुत बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे और वैचारिक रूप से वे अपने युग के अग्रणी विचारकों में से एक थे। रायपुर से निकलकर वैश्विक मंचों तक अपनी पहचान बनाने वाले पंकज जी ने पत्रकारिता को केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम माना। भूटान यात्रा के दौरान उनका अचानक इस तरह चले जाना न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि समूचे पत्रकारिता और बौद्धिक जगत के लिए एक कभी न भरने वाला शून्य छोड़ गया। सार्वजनिक संवाद, निष्पक्ष लेखन और गहन तार्किक सोच के क्षेत्र में उनका योगदान इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।

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उनका कर्म और योगदान समय से बहुत आगे था- अनुज शर्मा
धरसींवा के विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा ने कहा कि, पंकज जी छत्तीसगढ़ के एक ऐसे तेजस्वी सपूत थे, जिन्होंने अपनी असाधारण योग्यता और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर रायपुर का नाम राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पटल पर भी रोशन किया। वे भले ही महज 33 वर्ष की अल्पायु में हमें छोड़कर चले गए, लेकिन उनका कर्म इतना विशाल था कि समय भी उनके कृतित्व के सामने छोटा पड़ गया। छत्तीसगढ़ कॉलेज के दिनों से ही उनकी ओजस्वी भाषण कला, तार्किक शैली और अद्वितीय नेतृत्व क्षमता ने यह साबित कर दिया था कि वे अपने समय से बहुत आगे के विचारक थे। दिल्ली से लेकर अमेरिका तक हिंदी का परचम फहराते हुए उन्होंने हमारी भाषा और संस्कृति को भी गौरवान्वित किया।

कार्यक्रम में मौजूद अतिथि

विधायक अनुज शर्मा ने अपने भाषण के दौरान रायपुर के पत्रकारगणों एवं ब्राह्मण समाज माँगो को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और सांसद बृजमोहन अग्रवाल के समक्ष रखी जिसमे :-

1. खोखोपारा, रायपुर स्थित पंकज बालोद्यान का नाम परिवर्तित कर ‘पत्रकार स्व. पंकज शर्मा बाल उद्यान’
किया जाए।
2. खोखोपारा, रायपुर स्थित शासकीय स्कूल का नाम ‘पत्रकार स्व. पंकज शर्मा शासकीय स्कूल’ के नाम पर किया जाए।

जनहित और पंकज शर्मा के योगदान को सम्मान
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल नें ज्ञापन पर विचार करते हुए समाज एवं पत्रकार समाज की इन मांगों को जनहित व स्व. पंकज शर्मा के स्मरणीय योगदान के अनुरूप माना और मंच से दोनों मांगों को तत्काल स्वीकार करते हुए विधिवत घोषणा की।

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