रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि समान नागरिक संहिता के नाम पर भाजपा राजनीतिक प्रोपेगेंडा कर रही है। रविवार को सरगुजा संभाग के भाजपा विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का यूसीसी ड्राफ्ट कमेटी की बैठक से दूरी बनाकर असहमति जता दी। भाजपा संगठन की ओर से और कलेक्टर के माध्यम से आमंत्रण दिए जाने के बावजूद जनप्रतिनिधियों का बैठक में शामिल नहीं होना यूसीसी को लेकर भाजपा के भीतर असहमति और विरोध को प्रदर्शित करता है। भाजपा संगठन अपने विधायकों पर अनैतिक दबाव डालकर उनके विरोध को दबाव डाल रही है। भाजपा में तानाशाही है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा यूसीसी के नाम पर देश की विविधता, आदिवासी समाज की विशिष्ट पहचान और उनकी सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं को मिटाने की कोशिश कर रही है। आदिवासी समाज की सामाजिक व्यवस्था, रीति-रिवाज और परंपराएं उनकी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। संविधान ने भी जनजातीय समुदायों के विशिष्ट अधिकारों और परंपराओं को संरक्षण दिया है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सहित विभिन्न सामाजिक संगठन आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं। लेकिन भाजपा संख्याबल की घमंड में यूसीसी लागू कर आदिवासी समुदायों के संवैधानिक संरक्षण तथा पारंपरिक व्यवस्थाओं को खत्म करना चाहती है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा आदिवासी समाज प्रयोगशाला समझने की भूल कर रहा है, सरगुजा संभाग के जनप्रतिनिधियों की बैठक से दूरी ने भाजपा के दमनकारी सोच पर कड़ा प्रहार किया हैं। भाजपा को बताना चाहिए कि जब यूसीसी को लेकर दल में ही सर्वस्वीकार्य नही है तो प्रोपोगंडा क्यों? यूसीसी की ड्राफ्ट कमेटी की बैठक अब तक जहाँ भी हुई वहाँ सिर्फ संघ के अनुषांगिक संगठन भाजपा से जुड़े लोगों की ही उपस्थित रही है। सामाजिक संगठन अन्य राजनीतिक दल इसे दूर रहे क्योंकि यूसीसी आदिवासी वर्ग के खिलाफ है। भाजपा सरकार जनता की मूल समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने राजनीतिक प्रोपोगेंडा कर रही है। प्रदेश में वादाखिलाफी, लचर कानून व्यवस्था, खराब शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था, बिजली बिल से लूट, जंगलों की कटाई, रोजगार संकट सहित अनेक संकट से जनता जूझ रही है लेकिन सरकार में बैठे लोगों अपने राजनीतिक एजेंडा को पूरा करने जन आवाज को अनसुना कर रही है। जनता इसका जवाब देगी। यूसीसी की छत्तीसगढ़ में आवश्यकता नही है।






