छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का अलर्ट! दक्षिणी इलाकों में गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल, 40 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं…

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छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का अलर्ट! दक्षिणी इलाकों में गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल, 40 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं...

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश की गतिविधियां पूरी तरह थमी नहीं हैं। प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में एक बार फिर बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने दक्षिण छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। मौसम केंद्र रायपुर के 16 अक्टूबर को जारी बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

छिंदगढ़ में 9 सेंटीमीटर बारिश, दंतेवाड़ा क्षेत्र में भी बरसे बादल
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। दक्षिण छत्तीसगढ़ के छिंदगढ़ में सर्वाधिक 9 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, कुआकोंडा और कटेकल्याण में 2-2 सेंटीमीटर बारिश हुई।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बारिश का प्रभाव मुख्य रूप से दक्षिणी इलाकों में देखने को मिला है। वहीं, प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है। बारिश की गतिविधियां सीमित क्षेत्रों में होने के कारण पूरे प्रदेश में एक जैसी मौसमी स्थिति रहने का अनुमान नहीं है।

रायपुर प्रदेश में सबसे गर्म, पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान
प्रदेश में तापमान की बात करें तो राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं, पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

तापमान के इन आंकड़ों से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में दिन और रात के मौसम में अंतर स्पष्ट होता है। जहां दिन के समय कुछ इलाकों में गर्मी महसूस की जा रही है, वहीं रात के तापमान में अपेक्षाकृत गिरावट दर्ज की गई है।

मौसमी सिस्टम के प्रभाव से हो रही बारिश
मानसून की वापसी के बावजूद बारिश की गतिविधियां जारी रहने के पीछे मौसमी सिस्टम को प्रमुख वजह माना जा रहा है। दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका फैली हुई है।

इसी मौसमी परिस्थिति के कारण दक्षिण छत्तीसगढ़ में बादल छाने और बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मानसून की विदाई का मतलब यह नहीं है कि इसके बाद बारिश पूरी तरह बंद हो जाती है। स्थानीय मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से मानसून की वापसी के बाद भी कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है।

रायपुर में आंशिक बादल छाने के आसार
राजधानी रायपुर के लिए जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मौसम केंद्र रायपुर के 16 अक्टूबर को जारी अगले 24 घंटे के पूर्वानुमान में राजधानी का आकाश आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने की बात कही गई थी।

हालांकि, दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना का मतलब यह नहीं है कि रायपुर में भी उसी तरह वर्षा होगी। स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का मिजाज अलग रह सकता है।

बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग ने गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों में रहने से बचें और किसी सुरक्षित पक्के भवन के अंदर शरण लें। पेड़ों के नीचे खड़े न हों तथा बिजली की लाइनों और धातु की संरचनाओं से दूरी बनाए रखें।

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