अक्टूबर महीने की विदाई के साथ ही नवंबर की शुरुआत कई अहम बदलावों के साथ हुई है। 1 नवंबर 2026 से रसोई गैस, हाईवे पर टोल भुगतान, शराब की खरीद, GST रिफंड और मोबाइल कॉलिंग से जुड़े नए नियम प्रभावी हो गए हैं। इनका असर कारोबारियों से लेकर आम लोगों और वाहन चालकों तक पर पड़ सकता है।
इन बदलावों में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी, हाईवे टोल प्लाजा के आसपास रहने वालों के लिए नया FASTag लोकल पास और अनजान नंबरों से आने वाली कॉल पर नाम दिखाने की सुविधा शामिल है। इसके अलावा तमिलनाडु में शराब की खरीद पर डिजिटल पेमेंट अनिवार्य किया गया है। आइए जानते हैं नवंबर से लागू हुए इन 5 बड़े बदलावों के बारे में।
1. Commercial LPG Price Hike: कमर्शियल गैस सिलेंडर 17 रुपए तक महंगा
नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही तेल कंपनियों ने कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम अलग-अलग शहरों में 10 से 17 रुपए तक बढ़ाए गए हैं। दिल्ली में इसकी कीमत 10 रुपए बढ़कर 2,820 रुपए हो गई है।
इस बढ़ोतरी का असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग कारोबार पर पड़ सकता है। हालांकि, घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलो के LPG सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
2. FASTag Local Pass: टोल प्लाजा के पास रहने वालों को सालाना पास
हाईवे पर नियमित सफर करने वाले स्थानीय वाहन मालिकों के लिए सरकार ने नया रियायती सालाना FASTag लोकल पास शुरू किया है। यह सुविधा राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र गैर-व्यावसायिक निजी वाहन मालिकों को मिलेगी।
- इस पास की सालाना कीमत टोल प्लाजा की लोकेशन के आधार पर तय की गई है।
- नगर निकाय या स्थानीय शहरी सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए 1,500 रुपए सालाना।
- नगर निकाय या स्थानीय शहरी सीमा के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए 3,000 रुपए सालाना।
इस पास के लिए वाहन में वैध और एक्टिव FASTag होना जरूरी है। यह पास केवल संबंधित टोल प्लाजा पर मान्य होगा। इसकी सुविधा 1 नवंबर से पात्र टोल प्लाजा पर उपलब्ध है, जबकि राजमार्ग यात्रा ऐप के माध्यम से इसे 1 दिसंबर से लिया जा सकेगा।
3. Tamil Nadu Liquor Rules: 1,000 रुपए से महंगी शराब पर डिजिटल पेमेंट जरूरी
तमिलनाडु में शराब खरीदने के नियमों में बदलाव किया गया है। राज्य की सरकारी शराब बिक्री निगम TASMAC ने 1 नवंबर से 1,000 रुपए से अधिक की खरीदारी पर नकद भुगतान बंद कर दिया है।
अब इतनी कीमत से अधिक की शराब खरीदने पर ग्राहकों को UPI, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से भुगतान करना होगा। 1,000 रुपए या इससे कम की खरीद पर नकद भुगतान का विकल्प जारी रहेगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य शराब की दुकानों पर ओवरचार्जिंग रोकना, लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ाना और बिक्री का डिजिटल रिकॉर्ड रखना है। इसके अलावा तमिलनाडु में शराब की बोतलों पर 10 रुपए का पर्यावरण एवं सामाजिक कल्याण उपकर भी लागू किया गया है।
4. GST Refund और Traffic Rules: टैक्स रिफंड से लेकर एक्सप्रेसवे तक नए नियम
नवंबर से GST रिफंड प्रक्रिया में भी कुछ बदलाव प्रभावी हुए हैं। इनका उद्देश्य पात्र कारोबारियों के रिफंड दावों की प्रक्रिया को आसान बनाना और टैक्स अनुपालन का बोझ कम करना है।
नए प्रावधानों के तहत जीरो-रेटेड सप्लाई और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर से जुड़े पात्र रिफंड दावों की गणना और आवेदन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। इसमें रिफंड आवेदन के लिए सिस्टम-रीडेबल जानकारी और पात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर मालवाहक वाहनों की एंट्री बंद
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए कनेक्टिंग लिंक यानी मिसिंग लिंक पर 1 नवंबर से सभी मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लागू हो गया है। इसमें छोटे कमर्शियल वाहन, पिकअप वैन और टाटा ऐस जैसे वाहन भी शामिल हैं। इन वाहनों को पुराने एक्सप्रेसवे रूट का इस्तेमाल करना होगा।
इस लिंक पर निजी कार और अन्य पात्र हल्के वाहन अधिकतम 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे, जबकि यात्री बसों के लिए अधिकतम गति सीमा 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है।
दिल्ली में दूसरे राज्यों के पुराने वाहनों पर प्रतिबंध
दिल्ली में सर्दियों के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर से दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड BS-VI से नीचे के पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किया गया है। यह पाबंदी 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी। हालांकि, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट दी गई है।
5. CNAP Rule: मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आने पर दिखेगा नाम
मोबाइल उपभोक्ताओं को फर्जी कॉल और स्पैम से बचाने के लिए दूरसंचार विभाग ने Calling Name Presentation (CNAP) सुविधा लागू करने का निर्देश दिया है।
इस तकनीक के तहत अनजान नंबर से कॉल आने पर मोबाइल स्क्रीन पर सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि टेलीकॉम ऑपरेटर के रिकॉर्ड में दर्ज कॉलर का नाम भी दिखाई देगा। यानी फोन में नंबर सेव नहीं होने पर भी कॉल करने वाले की पहचान जानने में मदद मिलेगी।
इस सुविधा को टेलीकॉम कंपनियों को डिफॉल्ट रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, 2G और 3G नेटवर्क तथा लैंडलाइन सेवाओं पर इसे लागू करने की प्रक्रिया अलग चरण में होगी।
इससे कॉलर की पहचान के लिए थर्ड-पार्टी ऐप पर निर्भरता कम हो सकती है और फर्जी कॉल की पहचान करने में मदद मिल सकती है।






