BREAKING: CGMSC घोटाले में हाई कोर्ट ने खारिज की आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका…

0
35

बिलासपुर : CGMSC घोटाले की सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 4 आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. करीबन 660 करोड़ के घोटाले की ACB-EOW जांच कर रही है.

2021 में मेडिकल उपकरण खरीदी में बड़ा घोटाला हुआ था. आरोप है कि जरूरत का सही आंकलन किए बगैर खरीदी की गई है. मामले में ACB-EOW ने मोक्षित कार्पोरेशन, रिकॉर्ड्स और मेडिकेयर सिस्टम, श्री शारदा इंडस्ट्रीज, सीबी कार्पोरेशन के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है.

Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा के इन मंत्रों का करें जाप, जीवन की समस्याओं से मिलेगा छुटकारा

छत्तीसगढ़ के राजकोष को किया गया खाली

कांग्रेस शासनकाल में स्वास्थ्य विभाग के CGMSC ने मोक्षित कॉरपोरेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की राजकोष को खाली किया गया था. इस पूरे मामले को लेकर भारतीय लेखा एंव लेखापरीक्षा विभाग के प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट) आईएएस यशवंत कुमार ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार पिंगआ को पत्र लिखा था.

दो साल के ऑडिट में खुली थी पोल

लेखा परीक्षा की टीम की ओर से CGMSC की सप्लाई दवा और उपकरण को लेकर वित्त वर्ष 2022-24 और 2023-24 के दस्तावेज को खंगाला गया तो कंपनी ने बिना बजट आवंटन के 660 करोड़ रुपये की खरीदी की थी, जिसे ऑडिट टीम ने पकड़ लिया था. ऑडिट में पाया गया है कि पिछले दो सालों में आवश्यकता से ज्यादा खरीदे केमिकल और उपकरण को खपाने के चक्कर में नियम कानून को भी दरकिनार किया गया.

मुकेश अंबानी के बेटे की भक्ति यात्रा, क्यों 141 KM पैदल चलकर द्वारका जा रहे अनंत

बिना जरूरत की हॉस्पिटलों को सप्लाई

प्रदेश के 776 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों सप्लाई की गई, जिनमें से 350 से अधिक ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ऐसे हैं, जिसमें कोई तकनीकी, जनशक्ति और भंडारण सुविधा उपलब्ध ही नहीं थी. ऑडिट टीम के अनुसार DHS ने स्वास्थ्य देखभाल की सुविधाओं में बेसलाइन सर्वेक्षण और अंतर विश्लेषण किए बिना ही उपकरणों और रीएजेंट मांग पत्र जारी किया था.

https://hn24.in/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251218-WA0003.jpg

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here