जातिगत जनगणना पर राहुल गांधी के संघर्ष की जीत, केंद्र सरकार को झुकना पड़ा: आकाश कन्नौजिया

जातिगत जनगणना पर राहुल गांधी के संघर्ष की जीत

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भिलाई। एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आकाश कन्नौजिया ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की वर्षों की मांग और संघर्ष का परिणाम है कि केंद्र सरकार को जातिगत जनगणना कराने की घोषणा करनी पड़ी है। यह सिर्फ एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

राहुल गांधी के नेतृत्व में बना जनदबाव

कन्नौजिया ने कहा कि कांग्रेस और यूपीए के सभी घटक दल लंबे समय से संसद और अन्य मंचों पर जातिगत जनगणना की मांग उठा रहे थे। राहुल गांधी ने इसे जनआंदोलन का रूप दिया, और पूरे देश में आवाज़ बुलंद की। भाजपा सरकार ने पहले इस मांग का कड़ा विरोध किया, लेकिन कांग्रेस के निरंतर दबाव और जनसमर्थन के चलते अंततः मोदी सरकार को झुकना पड़ा

भाजपा नेताओं ने की थी अशोभनीय टिप्पणियाँ

कन्नौजिया ने आरोप लगाया कि जातिगत जनगणना की मांग के चलते भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर अशोभनीय, असहनीय और भद्दी टिप्पणियाँ कीं। कई भाजपा मंत्रियों ने यहां तक कह दिया कि “जिसे अपनी जाति का पता नहीं, वह जाति गणना की बात कर रहा है”। आज वही नेता सोशल मीडिया पर जातिगत जनगणना का श्रेय ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो नेता राहुल गांधी का अपमान कर रहे थे, उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

मांग: तेलंगाना मॉडल और 50% आरक्षण की सीमा हटे

कन्नौजिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस घोषणा का स्वागत करते हुए मांग करती है कि:

  • तेलंगाना मॉडल को अपनाते हुए समावेशी और सटीक जातिगत जनगणना कराई जाए।

  • 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा समाप्त की जाए, जो पिछड़े वर्गों, दलितों और आदिवासियों की प्रगति में बाधा बन रही है।

  • अनुच्छेद 15(5) के तहत निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण को तत्काल लागू किया जाए।

  • निजी क्षेत्र की नौकरियों में भी आरक्षण की व्यवस्था की जाए।

संघर्ष जारी रहेगा: कन्नौजिया

आकाश कन्नौजिया ने कहा कि यह केवल एक शुरुआत है। जातिगत जनगणना के बाद उसके आधार पर आरक्षण नीति को पुनः निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह जीत उन सभी नागरिकों, कार्यकर्ताओं और संगठनों की है, जिन्होंने इस संघर्ष में भाग लिया। कांग्रेस सामाजिक न्याय के इस आंदोलन को आगे भी पूरी ताकत से जारी रखेगी।

पत्रकार वार्ता में ये नेता रहे मौजूद

प्रेस वार्ता में भिलाई युवक कांग्रेस अध्यक्ष विभोर दुरक्कर, लोकसभा प्रभारी सौरभ मिश्रा, दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष सुरेन्द्र बाघमारे, विनीश साहू, एनएसयूआई उपाध्यक्ष निक्कू चौबे, दीपक पॉल, तौहिद अंसारी सहित युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

भिलाई। एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आकाश कन्नौजिया ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की वर्षों की मांग और संघर्ष का परिणाम है कि केंद्र सरकार को जातिगत जनगणना कराने की घोषणा करनी पड़ी है। यह सिर्फ एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

राहुल गांधी के नेतृत्व में बना जनदबाव

कन्नौजिया ने कहा कि कांग्रेस और यूपीए के सभी घटक दल लंबे समय से संसद और अन्य मंचों पर जातिगत जनगणना की मांग उठा रहे थे। राहुल गांधी ने इसे जनआंदोलन का रूप दिया, और पूरे देश में आवाज़ बुलंद की। भाजपा सरकार ने पहले इस मांग का कड़ा विरोध किया, लेकिन कांग्रेस के निरंतर दबाव और जनसमर्थन के चलते अंततः मोदी सरकार को झुकना पड़ा

भाजपा नेताओं ने की थी अशोभनीय टिप्पणियाँ

कन्नौजिया ने आरोप लगाया कि जातिगत जनगणना की मांग के चलते भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर अशोभनीय, असहनीय और भद्दी टिप्पणियाँ कीं। कई भाजपा मंत्रियों ने यहां तक कह दिया कि “जिसे अपनी जाति का पता नहीं, वह जाति गणना की बात कर रहा है”। आज वही नेता सोशल मीडिया पर जातिगत जनगणना का श्रेय ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो नेता राहुल गांधी का अपमान कर रहे थे, उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

मांग: तेलंगाना मॉडल और 50% आरक्षण की सीमा हटे

कन्नौजिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस घोषणा का स्वागत करते हुए मांग करती है कि:

  • तेलंगाना मॉडल को अपनाते हुए समावेशी और सटीक जातिगत जनगणना कराई जाए।

  • 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा समाप्त की जाए, जो पिछड़े वर्गों, दलितों और आदिवासियों की प्रगति में बाधा बन रही है।

  • अनुच्छेद 15(5) के तहत निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण को तत्काल लागू किया जाए।

  • निजी क्षेत्र की नौकरियों में भी आरक्षण की व्यवस्था की जाए।

संघर्ष जारी रहेगा: कन्नौजिया

आकाश कन्नौजिया ने कहा कि यह केवल एक शुरुआत है। जातिगत जनगणना के बाद उसके आधार पर आरक्षण नीति को पुनः निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह जीत उन सभी नागरिकों, कार्यकर्ताओं और संगठनों की है, जिन्होंने इस संघर्ष में भाग लिया। कांग्रेस सामाजिक न्याय के इस आंदोलन को आगे भी पूरी ताकत से जारी रखेगी।

पत्रकार वार्ता में ये नेता रहे मौजूद

प्रेस वार्ता में भिलाई युवक कांग्रेस अध्यक्ष विभोर दुरक्कर, लोकसभा प्रभारी सौरभ मिश्रा, दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष सुरेन्द्र बाघमारे, विनीश साहू, एनएसयूआई उपाध्यक्ष निक्कू चौबे, दीपक पॉल, तौहिद अंसारी सहित युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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