हरेली हमारी माटी, कृषि और संस्कृति से जुड़ा उत्सव : राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा
रायपुर | राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ के प्रथम लोकपर्व हरेली तिहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। हरेली की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि हरेली का पर्व छत्तीसगढ़ की माटी, खेती-किसानी, लोकजीवन और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से गहराई से जुड़ा है।
राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि हरेली के अवसर पर किसान अपने कृषि उपकरणों की साफ-सफाई कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं और अच्छी फसल, सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हैं। नागर, गैंती, कुदाली, फावड़ा सहित कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा, इस पर्व के माध्यम से श्रम और अन्नदाता के प्रति सम्मान की भावना को भी अभिव्यक्त करती है।
उन्होंने आगे कहा कि हरेली आते ही गांवों में उत्साह और उल्लास का वातावरण बन जाता है। गेड़ी चढ़ने, पारंपरिक खेलों और लोकरीतियों के साथ पूरा छत्तीसगढ़ अपनी संस्कृति के रंग में रंग जाता है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़ने और अपनी लोकपरंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर देता है।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रदेश के सभी किसान भाइयों, माताओं-बहनों, युवाओं और समस्त नागरिकों के लिए हरेली तिहार पर सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की।






