रायपुर। शराब की ओवर रेटिंग के मामले में सरकार की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि पूरे प्रदेश में तय कीमत से अधिक रेट पर शराब बेचा जा रहा है, शराब के काउंटर में बैठे लोगों का दावा है कि ओवररेटिंग का पैसा ऊपर तक जा रहा है। लगातार शिकायतें आ रही हैं, बालोद, बलौदाबाजार (रोहांसी, हथबंद), जांजगीर चांपा, रायगढ़, राजनांदगांव और बिलासपुर में रंगे हाथों पकड़े गए, सोशल मीडिया पर दर्जनों वीडियो वायरल हैं, लेकिन अब तक कार्यवाही के नाम पर यह सरकार केवल मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के आबकारी उप निरीक्षक को बलि का बकरा बना कर संगठित लूट और भ्रष्टाचार पर लीपापोती का कुत्सित प्रयास कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि इस पूरे खेल को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है। शराब की ओवर रेटिंग सरकार में बैठे हुए लोग करा रहे है। हर ब्रांड की शराब में 10 से 60 रू. तक प्रति बोतल वसूला जा रहा था। सरकारी आंकड़ों में प्रतिदिन शराब का विक्रय 28 लाख 65 हजार बोतल है, हर बोतल में 10 से 60 रू. अधिक वसूला जा रहा है, 4 करोड़ 29 लाख प्रतिदिन अवैध वसूली, महिनें का 129 करोड़, 1548 करोड़ सालाना, विगत ढाई साल में 3870 करोड़ का शराब ओवर रेटिंग घोटाला इस सरकार ने किया गया है। ईडी बताये कि 3870 करोड़ के शराब घोटाले की जांच कब करेगी?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार नकली मिलावटी और अवैध शराब को बिकवा रही है। रायगढ़ में नकली शराब की बाटलिंग हो रही थी। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा में नकली होलो ग्राम वाली शराब पकड़ाये। राजनांदगांव अवैध शराब का केन्द्र बन गया है। बलरामपुर के सरकारी शराब दुकान में बियर के बोतल में गंदा पानी मिला, जगदलपुर में दर्जनों पेटी अवैध शराब पकड़ाई, मध्यप्रदेश से जगदलपुर तक कई जिलों की सीमा पार कर अवैध शराब की निर्बाध सप्लाई बिना सत्ता के संरक्षण के संभव नहीं है। सरकारी शराब दुकानों में दो गल्ले चल रहे है। बलरामपुर के सरकारी शराब दुकान में जो बियर की बोतल में गंदा पानी निकल रहा है और ऐसे मिलावटी शराब से जो वसूली हो रही है उसका पैसा किस गल्ले में जा रहा है? नकली और मिलावटी शराब का सरगना कौन है? शराब की काली कमाई में किस-किस की हिस्सेदारी है, छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है।






