दीपक बैज का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- आदिवासी अधिकारों से लेकर युवाओं के भविष्य तक हो रहा खिलवाड़

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दीपक बैज का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- आदिवासी अधिकारों से लेकर युवाओं के भविष्य तक हो रहा खिलवाड़

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए भाजपा सरकार पर आदिवासी हितों, भर्ती परीक्षाओं, बिजली व्यवस्था और खनिज संसाधनों के मुद्दे पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ लगातार आवाज उठाएगी।

बैज ने बताया कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार से जगदलपुर में शुरू होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद प्रदेश के सभी पांचों संभागों में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

यूसीसी को लेकर कांग्रेस का विरोध
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन करने के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कांग्रेस इसका विरोध करती है। उन्होंने दावा किया कि यूसीसी लागू होने से आदिवासियों को प्राप्त विशेष संवैधानिक प्रावधान प्रभावित होंगे।

भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप
दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय में तीन परीक्षाओं के पेपर लीक होने का मामला सामने आया है। उनका आरोप है कि सरकार बनने के बाद कई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं।

उन्होंने आरक्षक भर्ती, वनरक्षक भर्ती, आरआई प्रमोशन, पीडब्ल्यूडी सब इंजीनियर भर्ती और पीएससी की एएसआई भर्ती सहित विभिन्न परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित घोटालों के कारण युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।

बिजली के मुद्दे पर सरकार को घेरा
बैज ने बिजली की दरों में वृद्धि, 400 यूनिट तक मिलने वाली छूट खत्म करने और स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अब बिजली कंपनी के शेयर बेचने और निजी कंपनियों को बिजली आपूर्ति का ठेका देने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आगामी बिजली सत्याग्रह में बिजली क्षेत्र के निजीकरण का विरोध भी प्रमुख मुद्दा रहेगा।

नक्सल प्रभावित गांवों के लिए एक करोड़ रुपये की मांग
बस्तर में नक्सलवाद के मुद्दे पर बैज ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बस्तर पंडुम 2025 के दौरान किए गए वादे का हवाला देते हुए सरकार से सवाल किया कि नक्सल मुक्त घोषित गांवों को विकास कार्यों के लिए एक-एक करोड़ रुपये की राशि कब दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवार मुआवजे के लिए परेशान हैं। वहीं मुख्यधारा में लौट चुके आत्मसमर्पित लोगों को भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भटकना पड़ रहा है।

आदिवासियों की रिहाई को लेकर उठाए सवाल
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि नक्सलियों का सहयोगी होने के कथित आरोप में जेलों में बंद हजारों आदिवासियों की रिहाई को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों के बीच समन्वय का अभाव दिखाई दे रहा है।

उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश और बिहार को विशेष पैकेज दिया जा रहा है, लेकिन छत्तीसगढ़ को इसका लाभ नहीं मिल रहा। बैज ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती का खर्च राज्य से वसूले जाने का भी आरोप लगाया।

खनिज संसाधनों के निजीकरण का विरोध
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने खनिज संसाधनों के निजीकरण और असंतुलित दोहन को रोकने की मांग की। उन्होंने एनएमडीसी का मुख्यालय छत्तीसगढ़ में लाने तथा स्थानीय युवाओं को भर्ती में प्राथमिकता देने की मांग रखी।

बैज ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को बस्तर के आर्थिक और सामाजिक हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बिना पर्याप्त चर्चा के नया खनिज कानून लागू किया है, जिससे आदिवासी क्षेत्रों में पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची के प्रावधान प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने डीएमएफ और सीएसआर की राशि के उपयोग में भी कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को आदिवासी हितों और स्थानीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

बैज ने कहा कि कांग्रेस बस्तर के आदिवासी अधिकारों, युवाओं के रोजगार, बिजली व्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी।

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