कोरबा। बालको मेडिकल सेंटर (BMC) ने रायपुर में चौथे वार्षिक छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव की शुरुआत स्तन कैंसर की लाइव सर्जिकल डेमोन्स्ट्रेशन के साथ की। इस दौरान स्तन संरक्षण और स्तन पुनर्निर्माण की आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। देशभर से पहुंचे 50 से अधिक सर्जन और चिकित्सकों ने लाइव सर्जरी देखी और कैंसर उपचार से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा की।
लाइव सर्जिकल डेमोन्स्ट्रेशन का नेतृत्व मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल की सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. शलाका जोशी, प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण सर्जन डॉ. दुष्यंत जायसवाल और कोलकाता के टाटा मेडिकल सेंटर के वरिष्ठ ब्रेस्ट कैंसर सर्जन डॉ. संजीत कुमार अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों को आधुनिक सर्जिकल तकनीकों से परिचित कराने के साथ जटिल मामलों में उपचार की योजना और मरीज-केंद्रित निर्णयों पर अनुभव साझा करना था।
स्तन संरक्षण सर्जरी में दिखाई आधुनिक तकनीक
लाइव डेमोन्स्ट्रेशन के दौरान स्तन संरक्षण सर्जरी की प्रक्रिया दिखाई गई। इसमें ट्यूमर के साथ उसके आसपास के कुछ स्वस्थ ऊतक को हटाकर स्तन के अधिकांश हिस्से को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाता है। इसके साथ प्लास्टिक सर्जरी की तकनीकों का इस्तेमाल कर बचे हुए स्तन ऊतक को व्यवस्थित करने और उसके आकार व स्वरूप को बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. शलाका जोशी ने कहा कि स्तन कैंसर भारत समेत दुनियाभर में महिलाओं में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल है। उन्होंने कहा कि बेहतर उपचार परिणामों के लिए जागरूकता, शुरुआती पहचान, सही निदान, उचित उपचार और पुनर्वास तक लगातार देखभाल जरूरी है। उनके मुताबिक, स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों की क्षमता बढ़ाना भी महत्वपूर्ण है।
शुरू हुआ स्तन स्वास्थ्य क्लिनिक
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बालको मेडिकल सेंटर में स्तन स्वास्थ्य क्लिनिक का शुभारंभ किया। इस क्लिनिक में महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के जरिए स्तन स्वास्थ्य प्रबंधन, कैंसर उपचार, स्तन पुनर्निर्माण और कॉस्मेटिक ब्रेस्ट सर्जरी से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की पहल की गई है।
बालको मेडिकल सेंटर की कंसल्टेंट प्लास्टिक, पुनर्निर्माण एवं एस्थेटिक सर्जन डॉ. इशिता कात्याल ने कहा कि कैंसर उपचार का उद्देश्य बीमारी को नियंत्रित करने के साथ मरीज के जीवन की गुणवत्ता बनाए रखना भी है। उन्होंने बताया कि स्तन पुनर्निर्माण के जरिए प्राकृतिक स्वरूप और संतुलन को यथासंभव बनाए रखने का प्रयास किया जाता है।
शुरुआती पहचान और समय पर इलाज पर जोर
सेवानिवृत्त वाइस एडमिरल और पूर्व महानिदेशक, सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवाएं डॉ. आरती सरीन ने स्तन कैंसर में शुरुआती पहचान और समय पर उपचार को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि व्यापक स्तन स्वास्थ्य क्लिनिक में कैंसर की रोकथाम, नियमित जांच, शुरुआती निदान, उपचार और पुनर्निर्माण के साथ पोषण, फिजियोथेरेपी और लिम्फेडेमा प्रबंधन जैसी सहायक सेवाओं को भी शामिल किया जाएगा।
बीएमसी की मेडिकल डायरेक्टर एवं वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. भावना सिरोही ने कहा कि विभिन्न विशेषज्ञ सेवाओं को एक साथ लाने का उद्देश्य मध्य भारत में कैंसर उपचार की निरंतरता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को जांच और निदान से लेकर उपचार और रिकवरी तक जरूरी सहयोग एक ही व्यवस्था के तहत मिल सकेगा। चौथे वार्षिक छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव के जरिए देशभर के विशेषज्ञों और क्षेत्रीय चिकित्सकों के बीच कैंसर उपचार से जुड़ी नई तकनीकों और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जा रहा है।






