रायपुर। परिवहन विभाग द्वारा परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस सहित विभिन्न सेवाओं के शुल्क में की गई दोगुनी-तिगुनी वृद्धि को जनविरोधी फैसला बताते हुए प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि महंगाई और आर्थिक संकट से जूझ रही जनता तथा वाहन मालिकों पर भाजपा सरकार ने एक और आर्थिक बोझ लाद दिया है। सरकार तत्काल इस फैसले पर पुनर्विचार करे और बढ़ी हुई फीस के आदेश को वापस ले। भाजपा सरकार ने परिवहन विभाग की फीस बढ़ाकर आम आदमी की जेब पर सीधा हमला किया है। बसों के परमिट शुल्क को 2,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये, मोटर कैब का परमिट शुल्क 1,500 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये, छोटे कामर्शियल वाहनों का परमिट शुल्क 2,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये तथा मालवाहक वाहनों के नेशनल परमिट शुल्क को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये किया गया है। ऑटो-टेम्पो, ड्राइविंग लाइसेंस, डुप्लीकेट कॉपी सहित अन्य सेवाओं के शुल्क में भी वृद्धि की गई है।जो महंगाई से पीड़ित जनता के जख्मो पर नमक छिड़कना है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार फीस बढ़ाकर अपना राजस्व बढ़ा सकती है, लेकिन इसका असली बोझ अंततः जनता की जेब पर ही पड़ेगा। परिवहन लागत बढ़ेगी तो मालभाड़ा बढ़ेगा, यात्री किराया बढ़ेगा और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों पर भी इसका असर पड़ेगा। पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता को भाजपा सरकार ने महंगाई का एक और झटका दे दिया है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि वाहन मालिक पहले ही महंगे डीजल, वाहन बीमा, टोल टैक्स, स्पेयर पार्ट्स, टायर-ट्यूब, ऑयल-ग्रीस और बढ़ते मेंटेनेंस खर्च से परेशान हैं। खराब सड़कों के कारण वाहनों की टूट-फूट और मरम्मत का खर्च लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा सड़कों पर अवैध वसूली की शिकायतें भी वाहन चालकों और मालिकों की परेशानी बढ़ा रही हैं। जब वाहन मालिक राहत की उम्मीद कर रहे थे, तब सरकार ने उनके ऊपर फीस वृद्धि का पहाड़ खड़ा कर दिया। मालवाहक वाहन मालिक और बस संचालक पहले ही मालभाड़ा एवं यात्री किराया बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर चुके हैं। ऐसे समय में सरकार को राहत देने के उपाय करने चाहिए थे, लेकिन भाजपा सरकार ने उल्टा ऐसा फैसला लिया है जो महंगाई को और भड़काने वाला साबित होगा।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जनता की आय नहीं बढ़ रही है, लेकिन भाजपा सरकार के फैसलों से जनता के खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कभी बिजली के बिल का बोझ, कभी परिवहन से जुड़े शुल्क, कभी अन्य सरकारी सेवाओं की फीस की वॄद्धि आखिर आम आदमी अपनी जेब कितनी बार कटवाए?सरकार का उद्देश्य जनता से अधिक से अधिक शुल्क वसूलना नहीं, बल्कि जनता को राहत और सुविधाएं देना है। परिवहन सेवा शुल्क में की गई बेतहाशा वृद्धि तत्काल वापस ली जाए, अन्यथा कांग्रेस पार्टी जनता और वाहन मालिकों के हित में इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएगी।






