रायपुर । पूरे प्रदेश में सड़कों की जर्जर हालत के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि लोग रोज जानलेवा हादसों का शिकार हो रहे हैं, गाड़ियों का मेंटेनेंस बढ़ गया है, लेकिन सत्ता में बैठे जिम्मेदार लोग कुम्भकर्णीय नींद में सोए हुए हैं। छत्तीसगढ़ में आज सड़कें ढूंढने से भी नहीं मिल रही हैं, सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे नज़र आ रहे हैं। भाजपा सरकार में लोक निर्माण विभाग पूरी तरह से पंगु हो चुका है। हद तो तब हो गई जब सड़कों के कायाकल्प के लिए स्वीकृत एशियाई विकास बैंक (ADB) के बजट को भी रोक दिया गया है। सरकार के पास न नियत है, न नीति और न ही सड़कें सुधारने का बजट। माल ढुलाई (Logistics) की लागत बढ़ रही है, फलों और सब्जीयों की खेती करने वाले किसानों को मंडियों तक फसल पहुँचाने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं, समय की बर्बादी हो रही है, लेकिन सरकार छत्तीसगढ़ की जनता के जान-माल के साथ खिलवाड़ कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार “डबल इंजन” का ढिंढोरा पीटती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि प्रदेश की जीवनरेखा कही जाने वाली सड़कें गड्डों में तब्दील हो चुकी हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों से लेकर ग्रामीण सड़कों तक केवल गिट्टियाँ, कीचड़ और धूल उड़ रही है। सड़कों की मरम्मत तक के लिए फंड जारी नहीं किया जा रहा है। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि एडीबी (ADB – Asian Development Bank) जैसी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय एजेंसी द्वारा स्वीकृत सड़क परियोजनाओं का बजट भी रोक दिया गया है। यह सरकार की प्रशासनिक नाकामी और वित्तीय कुप्रबंधन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि कांग्रेस सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना’ और ‘सड़क निर्माण एवं रखरखाव नीति’ के तहत दुर्गम क्षेत्रों से लेकर शहरों तक सड़कों का जाल बिछाया था और लोक निर्माण विभाग को समय पर मरम्मत के सख्त निर्देश थे। किसानों की सुविधा के लिए खेतों तक पहुंच मार्ग धरसा सड़क योजना बनाई गई थी, लेकिन सत्ता बदलते ही डबल इंजन की सरकार में विकास का इंजन पूरी तरह पटरी से उतर चुका है। छत्तीसगढ़ की जनता टोल टैक्स पूरा भर रही है, लेकिन भाजपा सरकार बदले में उन्हें जानलेवा सड़कें, कीचड़ और धूल-धक्कड़ दे रही है।






