2 हजार से अधिक के UPI लेन-देन पर 0.40% MDR का मुद्दा, CAIT ने वित्त मंत्री के सामने रखी व्यापारियों की चिंता

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2 हजार से अधिक के UPI लेन-देन पर 0.40% MDR का मुद्दा, CAIT ने वित्त मंत्री के सामने रखी व्यापारियों की चिंता

नई दिल्ली/रायपुर। ₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित 0.40 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर व्यापारिक संगठनों की चिंताओं के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में व्यापारियों पर प्रस्तावित अतिरिक्त वित्तीय भार और इसके संभावित प्रभावों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक सांसद प्रवीन खंडेलवाल के नेतृत्व में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ व्यापारिक नेताओं ने वित्त मंत्री से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित MDR को लेकर व्यापारियों की चिंताओं से अवगत कराते हुए इसके व्यावहारिक प्रभावों पर विचार करने की मांग रखी।

बैठक में CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया, ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स फेडरेशन (AICPDF) के अध्यक्ष धैर्यशील पाटिल, ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) के चेयरमैन कैलाश लाखयानी तथा ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक के बाद AICPDF और AIMRA ने 2 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित ‘नो यूपीआई डे’ का आह्वान वापस लेने का निर्णय लिया। CAIT ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार और व्यापारिक संगठनों के बीच संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ना सकारात्मक संकेत है।

CAIT के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी ने कहा कि व्यापार जगत डिजिटल भुगतान और UPI की सफलता का पूर्ण समर्थन करता है। UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को नई गति दी है और व्यापारियों तथा ग्राहकों के लिए भुगतान को आसान एवं सुविधाजनक बनाया है। ऐसे में व्यापारियों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए भुगतान की लागत सीधे कारोबार की लाभप्रदता से जुड़ी होती है। इसलिए किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले व्यापारिक संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श और उसके व्यावहारिक प्रभावों का आकलन किया जाना जरूरी है।

CAIT छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त मंत्रालय द्वारा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की चिंताओं को गंभीरता से सुनने तथा सभी हितधारकों के हितों को ध्यान में रखने के आश्वासन का स्वागत किया।

CAIT छत्तीसगढ़ के चेयरमेन जितेन्द्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, वाइस चेयरमेन सुरिन्दर सिंह, जीवत बजाज, प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह, कोषाध्यक्ष विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी, वासु माखीजा, राम मंधान, भरत जैन, राकेश ओचवानी और शंकर बजाज ने भी बैठक को व्यापारियों की चिंताओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

CAIT ने कहा कि डिजिटल इंडिया और UPI की सफलता व्यापारियों की सक्रिय भागीदारी से और मजबूत होगी। सरकार और व्यापारिक संगठनों के बीच निरंतर संवाद से ऐसा व्यावहारिक समाधान निकलने की उम्मीद है, जिससे डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ व्यापारियों और छोटे एवं मध्यम उद्यमियों के हित भी सुरक्षित रह सकें।

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