मंत्री केदार कश्यप की पत्नी को योजना की आड़ में करोड़ों का लाभ दे रही है विष्णुदेव सरकार – कांग्रेस

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मंत्री केदार कश्यप की पत्नी को योजना की आड़ में करोड़ों का लाभ दे रही है विष्णुदेव सरकार - कांग्रेस

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस ने रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की MR-43 नगर विकास योजना में मंत्री केदार कश्यप की पत्नी से जुड़ी कंपनी को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाए जाने का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला और शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन ने गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में संयुक्त पत्रकार वार्ता कर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि मंत्री केदार कश्यप की पत्नी शान्ति कश्यप राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक हैं। कंपनी की करीब 1.33 एकड़ मूल भूमि खसरा नंबर 658/2 नालापारा बस्ती, कचना में स्थित है। कांग्रेस के अनुसार, यह भूमि संकरी सड़क से जुड़ी है, जबकि नगर विकास योजना के तहत इसके बदले लगभग 23,327 वर्गफीट का अंतिम भूखंड प्लॉट नंबर 25, सड्डू स्थित बलौदाबाजार रोड के पास प्रस्तावित किया गया है।

कांग्रेस का आरोप है कि मूल भूमि और प्रस्तावित अंतिम भूखंड के स्थान में करीब एक किलोमीटर का अंतर है। पार्टी ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50(3)(ii) का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि मूल भूखंड से अलग स्थान पर अंतिम भूखंड आवंटित करने का वैधानिक आधार क्या है।

प्राइम लोकेशन पर अंतिम भूखंड देने पर सवाल
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्लॉट नंबर 25 रायपुर-बलौदाबाजार रोड पर सड्डू के महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्र के समीप है। उनके मुताबिक, क्षेत्र में प्रमुख व्यावसायिक एवं संस्थागत प्रतिष्ठान मौजूद हैं और प्रस्तावित भूखंड के आसपास चौड़ी सड़क का विकास होना है।

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि कचना की संकरी पहुंच वाली भूमि के बदले सड्डू में 45 मीटर यानी करीब 150 फीट चौड़ी प्रस्तावित सड़क के समीप स्थित भूखंड क्यों दिया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि इससे मूल भूमि के मुकाबले कहीं अधिक मूल्य वाली संपत्ति मिलने का रास्ता बनता है।

भूमि को योजना में शामिल करने पर भी सवाल
कांग्रेस ने यह भी पूछा कि राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड की 1.33 एकड़ भूमि को MR-43 नगर विकास योजना में शामिल करना क्यों आवश्यक था। पार्टी के अनुसार, यदि योजना के लिए इस भूमि को शामिल करना अनिवार्य था तो इसके आधार से संबंधित तकनीकी रिपोर्ट, जमीनी सर्वे और योजना मापदंड सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मूल भूमि को सार्वजनिक सुविधाओं के लिए योजना में शामिल किया गया, जबकि इसके बदले कंपनी को महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्र के समीप अंतिम भूखंड प्रस्तावित किया गया। उन्होंने इस निर्णय के आधार और प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण की मांग की।

मुख्य सचिव को दिए पत्रों पर कार्रवाई नहीं होने का दावा
कांग्रेस ने कहा कि MR-43 योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव को दो पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। पार्टी ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि योजना को अंतिम रूप देने के लिए RDA द्वारा जल्दबाजी में कार्रवाई की जा रही है। पार्टी ने जांच पूरी होने तक योजना को अंतिम रूप देने अथवा उसके आधार पर आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।

मंत्री के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेताओं ने मंत्री केदार कश्यप के मंत्रिमंडल से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोप प्रमाणित होते हैं तो मंत्री, उनकी पत्नी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि यदि राज्य सरकार का प्रमुख उद्देश्य नई राजधानी क्षेत्र के रूप में नया रायपुर का विकास करना है, तो कचना-लाभांडी-सड्डू क्षेत्र में MR-43 जैसी योजना क्यों लाई गई। पार्टी ने RDA द्वारा योजना से होने वाले संभावित राजस्व और उसके उद्देश्य पर भी सार्वजनिक स्पष्टीकरण मांगा।

पत्रकार वार्ता में मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, वंदना राजपूत, वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह, अजय साहू और मीडिया कोऑर्डिनेटर रिषभ चंद्राकर सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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