रायपुर। 57वीं GST काउंसिल की बैठक में व्यापार एवं उद्योग जगत की लंबे समय से चली आ रही मांगों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित प्रक्रियागत एवं अनुपालन सुधारों का छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने स्वागत किया है। चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने इन सुधारों को देश के व्यापारियों, रिटेलर्स, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और स्टार्टअप्स के लिए राहत देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
सतीश थौरानी ने कहा कि GST व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी, पूर्वानुमेय और व्यापार-अनुकूल बनाने की दिशा में लिए गए निर्णयों से व्यापारियों को अनुपालन संबंधी जटिलताओं से राहत मिलेगी। पंजीयन, रिटर्न, रिफंड, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), अनुपालन और प्रवर्तन प्रक्रियाओं में सुधार से व्यापार करना आसान होगा तथा कारोबारियों का समय और लागत बचेगी।
उन्होंने कहा कि 5 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले उपभोक्ता-केंद्रित छोटे व्यवसायों के लिए वैकल्पिक सरल रिटर्न व्यवस्था की पहल छोटे व्यापारियों के हित में महत्वपूर्ण है। इससे GST संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करना आसान होगा और छोटे कारोबारियों को अपने व्यवसाय के विस्तार पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलेगा।
चेम्बर अध्यक्ष ने अभियोजन की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने तथा GST अधिकारियों की गिरफ्तारी संबंधी शक्तियों को हटाने की सिफारिश का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सामान्य दंड की राशि में कमी और कम राशि वाले मामलों में नोटिस प्रक्रिया को सरल बनाने से ईमानदारी से कारोबार करने वाले करदाताओं को अनावश्यक प्रक्रियागत परेशानियों से राहत मिल सकेगी।
रिफंड प्रक्रिया में तेजी से कारोबारियों को मिलेगा लाभ
थौरानी ने रिफंड प्रक्रिया को तेज करने और पात्र दावों का सिस्टम आधारित जोखिम मूल्यांकन के माध्यम से शीघ्र निपटारा करने के प्रस्ताव को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों और निर्यातकों की कार्यशील पूंजी में सुधार होगा तथा कारोबार में धन का प्रवाह सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने ई-कॉमर्स के माध्यम से कारोबार करने वाले छोटे विक्रेताओं के लिए दूसरे राज्यों में व्यापार करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे छोटे व्यवसायों को नए बाजारों तक पहुंचने और अपने कारोबार का विस्तार करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
माल परिवहन में अनावश्यक बाधाएं होंगी कम
चेम्बर अध्यक्ष ने माल परिवहन के दौरान जांच और वाहन निरीक्षण को अधिक लक्षित एवं खुफिया जानकारी आधारित बनाने के निर्णय को भी व्यापार के लिए सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि इससे माल की आवाजाही में होने वाली अनावश्यक देरी और रोक-टोक कम होगी तथा कर प्रशासन वास्तविक अनुपालन संबंधी मामलों पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकेगा।
सतीश थौरानी ने कहा कि इन सुधारों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि GST व्यवस्था को केवल राजस्व संग्रह तक सीमित न रखते हुए विश्वास, सरलता और _Ease of Doing Business_ यानी कारोबार करने में सुगमता के दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और GST काउंसिल के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इन सुधारों से छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को सशक्त बनाने, व्यापारिक गतिविधियों को गति देने तथा विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।






