‘शादी का हर अधूरा वादा दुष्कर्म नहीं’, हाईकोर्ट ने खारिज की पीड़िता की अपील, कहा- सहमति से बने थे संबंध

0
7
'शादी का हर अधूरा वादा दुष्कर्म नहीं', हाईकोर्ट ने खारिज की पीड़िता की अपील, कहा- सहमति से बने थे संबंध

बिलासपुर। शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोप में बरी किए गए 67 वर्षीय हिमांशु झा के खिलाफ पीड़िता की अपील हाई कोर्ट ने खारिज कर दी। जगदलपुर के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार दिसंबर 2025 को उन्हें दोषमुक्त किया था। न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास और न्यायमूर्ति सुधीर कुमार की पीठ ने कहा कि साक्ष्य महिला की सहमति से संबंध बनने की ओर संकेत करते हैं। शादी का हर अधूरा वादा दुष्कर्म नहीं होता।

क्या था पूरा मामला
पीड़िता का विवाह भिलाई निवासी व्यक्ति से हुआ था। उसके एक बेटा और एक बेटी हैं। पति से अलग रहने के बावजूद उसका तलाक नहीं हुआ था। जून 2021 में जगदलपुर के गुंजन संगीत समूह से जुड़ने पर उसकी पहचान हिमांशु से हुई। आरोप था कि हिमांशु ने पत्नी की मृत्यु की बात कहकर शादी का प्रस्ताव दिया और परिवार की सहमति लेने का भरोसा दिलाया।

10 अगस्त 2021 को धरमपुरा नंबर-1 के किराये के मकान में उसने शादी का भरोसा देकर जबरन संबंध बनाए और 11 अप्रैल 2024 तक ऐसा करता रहा। पीड़िता ने दिसंबर 2023 में पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन शादी के भरोसे पर रिपोर्ट नहीं कराई। बाद में उसे हिमांशु की पत्नी के जीवित होने का पता चला। शादी की मांग पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी था। एक मई 2024 को प्राथमिकी दर्ज हुई।

फैसले पर उठाए थे सवाल
अपील में पीड़िता ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने उसके बयान और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 114-ए पर विचार नहीं किया। राज्य ने भी अपील पर सुनवाई का समर्थन किया। कोर्ट ने पाया कि दोनों अगस्त 2021 से अप्रैल 2024 तक साथ रहे। पीड़िता को हिमांशु के परिवार की जानकारी थी और पहली बार संबंध के दौरान जबरदस्ती नहीं हुई थी। चिकित्सकीय परीक्षण में जबरन संबंध के निशान नहीं मिले।

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला
पीठ ने नैम अहमद और जसपाल सिंह कौरल मामलों का हवाला देते हुए कहा कि शुरुआत से शादी का इरादा न हो और केवल संबंध बनाने के लिए झूठा वादा किया जाए, तभी दुष्कर्म का अपराध बनता है। इस मामले में ऐसा साबित नहीं हुआ। ट्रायल कोर्ट का निष्कर्ष अवैध या विकृत नहीं था, इसलिए अपील प्रवेश स्तर पर खारिज की गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here