दिवाली पर गर्भवती माँ और बच्चों के लिए सुरक्षित उत्सव की सलाह, डॉ. सारिका साहू ने कहा- पटाखों के धुएँ, तेज आवाज और खानपान में न करें लापरवाही 

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दिवाली पर गर्भवती माँ और बच्चों के लिए‘सुरक्षित उत्सव की सलाह, डॉ. सारिका साहू ने कहा- पटाखों के धुएँ, तेज आवाज और खानपान में न करें लापरवाही 

रायपुर।दीपावली सिर्फ रोशनी और पटाखों का त्योहार नहीं, बल्कि परिवार की खुशहाली का भी प्रतीक है। लेकिन दीपावली के दौरान जब पटाखों का धुआँ और शोर बढ़ेगा, तब गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को थोड़ी अतिरिक्त देखभाल की जरूरत पड़ेगी। प्रथमेश सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, रायपुर के वुमेन एंड चाइल्ड केयर सेंटर की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सारिका साहू ने इस मौके पर कुछ व्यावहारिक और आसान सुझाव दिए हैं।

गर्भवती महिलाओं के लिए ‘3D’ फॉर्मूला
डॉ. सारिका साहू ने बताया कि दिवाली के दौरान तीन चीजों से खास सावधानी बरतनी चाहिए – धुआँ, धमाका और डाइट। पटाखों का धुआँ साँस की नली को परेशान कर सकता है, इसलिए घर के अंदर या बंद कमरे में रहें।  तेज आवाज से तनाव बढ़ता है, इसलिए शोर वाले इलाकों से दूर रहें। भारी मिठाइयों और तले-भुने खाने की जगह हल्का, पौष्टिक और घरेलू खाना चुनें। पर्याप्त पानी पिएँ, समय पर आराम करें और अपनी नियमित दवाइयाँ न भूलें। कोई भी असामान्य लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

बच्चों के लिए ‘सेफ्टी फर्स्ट’ नियम
डॉ. सारिका साहू ने अभिभावकों को सुझाव दिया कि वे बच्चों को कभी अकेले पटाखे न जलाने दें। हमेशा सूती कपड़े पहनाएँ, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखें। मिठाइयों का सेवन सीमित रखें और पानी ज्यादा पिलाएँ। जलने या चोट लगने पर प्रभावित हिस्से को ठंडे बहते पानी से 20 मिनट तक ठंडा करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। प्रथमेश सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देवपुरी, रायपुर के वुमेन एंड चाइल्ड केयर सेंटर में महिलाओं और बच्चों के लिए पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हैं। अस्पताल में 24×7 आपातकालीन सुविधा भी मौजूद है।

 “त्योहार तब यादगार बनता है जब घर का हर सदस्य स्वस्थ और सुरक्षित हो। थोड़ी सी सावधानी से दिवाली और भी खास हो सकती है।”-डॉ. सारिका साहू, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, प्रथमेश हॉस्पिटल

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