छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव : जमीनी कार्यकर्ताओं को मौका या ‘मेरा आदमी-तेरा आदमी’ का खेल?
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। हर चुनाव की तरह इस बार भी प्रत्याशियों के चयन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्या इस बार जमीनी कार्यकर्ताओं को उनके योगदान का फल मिलेगा, या फिर राजनीतिक पार्टियां ‘मेरा आदमी-तेरा आदमी’ की रणनीति अपनाकर केवल अपने चहेतों को आगे बढ़ाएंगी? यह सवाल जनता और कार्यकर्ताओं के बीच बहस का विषय बना हुआ है।
जमीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका
छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्रों में कई ऐसे जमीनी कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत की है। वे चुनावी माहौल तैयार करने, जन समस्याओं को उठाने और पार्टी की छवि बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उनकी लोकप्रियता और जनता के बीच जुड़ाव किसी से छिपा नहीं है। ऐसे कार्यकर्ता उम्मीद करते हैं कि पार्टी उनकी मेहनत को पहचानेगी और उन्हें प्रत्याशी के रूप में मौका देगी।
चुनाव में ‘सिफारिश तंत्र’ की चुनौती
दूसरी ओर, भारतीय राजनीति में अक्सर यह देखा जाता है कि टिकट बंटवारे में नेताओं की सिफारिश, धनबल और बाहुबल का बड़ा प्रभाव रहता है। ‘मेरा आदमी-तेरा आदमी’ की राजनीति के तहत पार्टियां अक्सर ऐसे लोगों को टिकट देती हैं, जिनका जनाधार भले ही कमजोर हो, लेकिन वे पार्टी नेतृत्व के चहेते होते हैं। यह प्रवृत्ति जमीनी कार्यकर्ताओं के मनोबल को तोड़ती है और लोकतंत्र की भावना को कमजोर करती है।
जनता की उम्मीदें और चुनौतियां
जनता का रुझान अक्सर उन्हीं नेताओं की ओर होता है, जो उनके बीच से निकलकर आए हों और उनकी समस्याओं को समझते हों। यदि पार्टियां जमीनी कार्यकर्ताओं को मौका देंगी, तो इससे न केवल कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा, बल्कि जनता के साथ पार्टी का जुड़ाव भी मजबूत होगा।
हालांकि, राजनीति में प्रचलित सत्ता और धनबल की संस्कृति के कारण योग्य उम्मीदवारों को दरकिनार कर दिया जाता है। इससे न केवल जनता की उम्मीदें टूटती हैं, बल्कि कार्यकर्ताओं में असंतोष भी बढ़ता है।
क्या बदलेगा कुछ इस बार?
छत्तीसगढ़ में इस बार के नगरीय निकाय चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टियां जमीनी कार्यकर्ताओं को कितना मौका देती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टियां वफादार और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को टिकट देती हैं, तो इससे उन्हें न केवल चुनाव में लाभ मिलेगा, बल्कि यह एक सकारात्मक संदेश भी जाएगा।


